एमपी की सरहद के पास स्थित बिल्हरका बालू खदान में वर्चस्व की चल रही जंग में गुरुवार की रात हवाई फायरिंग की गई। बताते हैं कि अवैध खनन और ओवरलोडिंग का विरोध कर रहे ग्रामीणों में दहशत फैलाने के लिए करीब 40 राउंड फायरिंग की गई। सुबह पहुंचे अफसरों और पुलिस ने तीन लोगों को दबोच लिया है। एक पास तमंचा बरामद हुआ है। चार ट्रैक्टर भी सीज किए गए हैं।
बिल्हरका में केन नदी घाट पर खंड-एक और दो खदानों का आवंटन हाल ही में खनिज विभाग ने किया है। बृहस्पतिवार की शाम कई वाहनों में सवार होकर आए बंदूकधारियों ने खदान पर जाकर हवाई फायरिंग शुरू कर दी। ग्रामीणों के मुताबिक लगभग 40 राउंड फायर हुए। कुछ ग्रामीणों ने यह भी बताया कि नदी के उस पार से जवाबी फायरिंग भी हुई। बताया कि बालू खदान शुरू होने से पहले से ही सीमावर्ती एमपी के कुछ लोग ट्रैक्टरों में बालू की अवैध ढुलाई करते हैं। अब खदान का ठेका हो जाने पर उन्हें रुकावट आई है। फायरिंग में किसी के घायल होने की खबर नहीं है।
उधर, शुक्रवार को सुबह एसडीएम राकेश कुमार, खनिज अधिकारी शैलेंद्र सिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी शोहराब आलम ने कालिंजर, करतल और गिरवां थानों का फोर्स लेकर बिल्हरका खदान में छापा मारा। एसडीएम ने बताया कि ग्रामीणों ने उन्हें फोन पर फायरिंग की सूचना दी थी, लेकिन उनके पहुंचने पर इसके कोई सबूत नहीं मिले।
टीम ने खदान से तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया और चार ट्रैक्टर व एक बाइक बरामद की। कोतवाली प्रभारी प्रतिमा सिंह ने बताया कि छतरपुर के बंशिया गांव निवासी शैलेंद्र सिंह और हर्रई गांव निवासी रामेश्वर तथा महोबा जिला निवासी कमल सिंह को गिरफ्तार किया गया है। शैलेंद्र सिंह के पास तमंचा बरामद हुआ है।