बांदा। दहेज में 50 हजार की मांग और प्रताडना से तंग आकर आत्महत्या कर लेने के मामले में अदालत ने आरोपी पति को पांच साल की कैद और 5000 रुपये जुर्माने की सजा दी है। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी। अभियुक्त जमानत पर था। न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया।
जसपुरा कस्बा निवासी अमर सिंह पुत्र प्रताप सिंह ने पैलानी थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अपनी पुत्री बबली की शादी 27 फरवरी 2009 को गांव शेखूपुर (पैलानी) निवासी जय सिंह उर्फ भूरा सिंह चौहान पुत्र सुरुवा उर्फ सभाजीत सिंह के साथ की थी। ससुरालीजन पति जय सिंह, चुन्नू सिंह पुत्र कुंवर सिंह व संतोष सिंह पुत्र लच्छू सिंह आदि दहेज में 50 हजार रुपये की मांग करने लगे।
बबली के साथ अक्सर मारपीट करते थे। मायके में पंचायत होने पर पुन: ससुराल भेज दिया। 24 जून 2009 को सूचना मिलने पर वह (पिता अमर सिंह) ससुराल गया तो बेटी का शव मिला। पैलानी थाने में पुलिस ने धारा 498ए, 304बी, 506 व 3/4 दहेज प्रतिषेध एक्ट की धारा में रिपोर्ट दर्ज करके तफ्तीश के बाद पति जय सिंह के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में दाखिल किया। शेष ससुरालीजनों को पुलिस ने विवेचना में क्लीनचिट दे दी।
डकैती कोर्ट के विशेष न्यायाधीश नीरज कुमार ने अभियोजन व बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की सुनवाई के बाद शुक्रवार को सुनाए फैसले में पति जय सिंह को धारा 306 में 5 साल की कठोर कारावास व 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता आशुतोष मिश्र ने सात गवाह पेश किए।