बांदा। पांच वर्षीय बालिका के साथ दुराचार के प्रयास में मंदिर पुजारी को अदालत ने 14 वर्ष की जेल और 17 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना की रकम में पांच हजार रुपये बालिका को दिए जाएंगे।
पैलानी थाना क्षेत्र के एक गांव की महिला ने 15 जनवरी 2014 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी 5 वर्षीय नातिन पड़ोसी बच्चों के साथ खेल रही थी। गांव के मंदिर का पुजारी व साधू कृष्णा गिरि पुत्र जगन्नाथ निवासी चंदा पुरवा थाना घाटमपुर (कानपुर देहात) उसे टाफी का लालच देकर ले गया और दुष्कर्म का प्रयास किया।
पुलिस ने धारा 376 व 511 आईपीसी और पास्को एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली। विवेचक ने अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। सहायक शासकीय अधिवक्ता कैलाश चौबे व मूलचंद्र कुशवाहा ने 7 गवाह पेश किए। अपर सत्र न्यायाधीश (प्रथम) कैप्टन डीपीएन सिंह ने सोमवार को मामले का फैसला सुनाया।
मंदिर पुजारी कृष्णा गिरि को धारा 376 की सपठित 511 आईपीसी में 14 साल की जेल और 14 हजार रुपये जुर्माना और पास्को एक्ट में 3 वर्ष की जेल व 3000 रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर एक वर्ष की अतिरिक्त जेल भुगतना होगी। सभी सजाएं साथ चलेंगी और जेल में बिताई अवधि भी सजा में समायोजित की जाएगी।
-अदालत ने 17 हजार रुपये जुर्माना भी किया
-जुर्माने में पांच हजार रुपये पीड़ित बच्ची को मिलेंगे
अमर उजाला ब्यूरो