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बालक की हत्या में पड़ोसी को उम्रकैद

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बांदा। अमरूद तोड़ने के मामूली विवाद की रंजिश में बालक की हत्या कर शव को बालू में छिपा देने के मामले में जुर्म साबित हो जाने पर अदालत ने अभियुक्त को उम्रकैद और जुर्माने की सजा सुनाई है। उसकी जमानत खारिज कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
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शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला निम्नीपार निवासी बाबू राजपूत ने 10 फरवरी 2015 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका 10 वर्षीय बेटा बागवान 9 फरवरी की शाम से लापता था। अगले दिन सुबह उसका शव घर के नजदीक चुन्नूलाल की बगिया के पास बालू के ढेर में मिला।

उसके हाथों की नसें कटी हुई थीं और शरीर पर चोट के निशान थे। बताया कि मोहल्ले के चांदबाबू पुत्र नत्थू खां के पुत्र से उसका अमरूद तोड़ने को लेकर विवाद हो गया था। तब से वह रंजिश मानता था। पड़ोसियों ने बताया था कि घटना वाली रात उसके पुत्र को चांदबाबू के साथ देखा गया था।
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पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया और तफ्तीश के बाद अदालत में चार्जशीट दाखिल की। अभियोजन पक्ष से सहायक शासकीय अधिवक्ता आशुतोष मिश्र ने सात गवाह पेश किए। सुनवाई कर रहे अपर सत्र न्यायाधीश/त्वरित न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनवाई के बाद आरोपी को दोषी पाया।

सोमवार को न्यायाधीश ने अभियुक्त चांदबाबू को धारा 302 में आजीवन कारावास और 20 हजार जुर्माना, धारा 201 में पांच साल की सजा व दो हजार जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह 15 दिन की अतिरिक्त कैद भोगनी होगी। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
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