बांदा। घर में दबंगों द्वारा की जारी तोड़फोड़ पर अधिवक्ता द्वारा बुलाई गई यूपी-100 के दो पुलिस कर्मी लूट और मारपीट जैसे गंभीर मामले में फंस गए हैं। अदालत ने दोनों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
शहर के शांति नगर निवासी अधिवक्ता देवकीनंदन पांडेय ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में धारा 156 (3) सीआरपीसी के तहत दी अर्जी में कहा था कि 9 अगस्त की रात 11 बजे उनके पड़ोसी शराब के नशे में उसके मुख्य गेट का ताला तोड़कर बेवजह गाली-गलौज कर रहे थे। साथ में हत्या की धमकी भी दे रहे थे।
इस पर अधिवक्ता ने यूपी-100 को डायल किया। कुछ देर बाद यूपी-100 की टीम आ गई। इसमें पुलिस कर्मी रमेशचंद्र व महेंद्र वर्मा थे। अधिवक्ता के मुताबिक इन दोनों ने आरोपी को एकांत में बुलाकर उससे पांच हजार रुपये ऐंठ लिए और फिर उल्टा अधिवक्ता से ही गाली-गलौज करने लगे।
विरोध करने पर दोनों पुलिस कर्मियों ने अधिवक्ता की कनपटी पर सर्विस रिवाल्वर अड़ा दिया। सिपाही महेंद्र वर्मा ने उसका कालर पकड़कर उसे गाड़ी में बैठा लिया। उसकी जेब में पड़े 5200 रुपये पार कर दिए। कोतवाली ले जाकर इस शर्त पर छोड़ा कि उच्चाधिकारियों से कहीं शिकायत नहीं करेगा।
अर्जी पर सीजेएम ने सुनवाई के बाद सोमवार को दिए दो पृष्ठीय आदेश में शहर कोतवाली प्रभारी को आदेश दिया है कि अर्जी के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना करें। सीजेएम ने कहा है कि तथ्यों को देखते हुए प्रथमदृष्ट्या यह संज्ञेय अपराध किया जाना प्रतीत होता है।
-अधिवक्ता से बदसलूकी और रुपये छीनने का आरोप
-सीजेएम ने कोतवाली प्रभारी को दिया आदेश
-दबंगों से बचने के लिए बुलाई थी पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो