बांदा। पांच दिन पूर्व गैंगरेप का शिकार हुई पांच वर्षीय दलित बालिका की खैर खबर लेने न तो सांसद पहुंचे और न ही विधायक या कोई अन्य जनप्रतिनिधि। इस पर ग्रामीणों और परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों के साथ परिजनों ने नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारी बालिका को 10 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग कर रहे थे। करीब दो घंटे ठप रहे नेशनल हाईवे पर अन्य वाहनों के अलावा अमावस्या पर चित्रकूट जाने-आने वाले हजारों तीर्थ यात्री फंसे रहे।
गिरवां थाना क्षेत्र के एक गांव में पांच दिन पूर्व दो युवक घर के बाहर सो रही पांच साल की बालिका उठा ले जाकर खेत में दुराचार किया था। बालिका के लहूलुहान होकर बेहोश होने पर उसे खेत में फेंककर भाग गए थे। बालिका की हालत गंभीर है, उसका इलाज कानपुर में चल रहा है।
घटना को पांच दिन बीत गए। मीडिया में तमाम खबरें छपीं। इसके बाद भी सांसद या क्षेत्रीय विधायक बालिका के घर नहीं पहुंचे। इस पर शनिवार की सुबह खुरहंड कस्बे के चौराहे पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान के नेतृत्व में नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया। ये लोग बालिका को 10 लाख रुपये मुआवजा दिए जाने, गांव में पुलिस चौकी का निर्माण के साथ-साथ नियमित बिजली आपूर्ति आदि की भी मांग कर रहे थे। क्षेत्रीय विधायक के पिता रामयश द्विवेदी ने भी जाम लगाए लोगों को समझाया।
कुछ देर बाद गिरवां थानाध्यक्ष लालजी सिंह जाम स्थल पर पहुंचे। खुरहंड चौकी पुलिस भी मौके पर थी। थानाध्यक्ष ने आक्रोशित लोगों को समझाया कि दोनों आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं। गांव में पुलिस तैनात है। थानाध्यक्ष के समझाने बुझाने के बाद जाम खत्म हुआ।