बांदा। तीमारदार से वसूले पैसे के बंटवारे को लेकर जिला महिला अस्पताल में गुरुवार को शाम स्टाफ नर्स और आया के बीच हाई वोल्टेज ड्रामा हुआ। छीना-झपटी और धक्कामुक्की हुई। एक नर्स का पति भी साथियों के साथ आ धमका।
शोरगुल से वहां भर्ती महिला मरीजों को असुविधा हुई। तीमारदारों ने हंगामा मचा रही नर्सों को बाहर कर दरवाजे बंद कर लिए। इस बीच मची अफरा-तफरी में कई महिलाओं को बिना इलाज बैरंग लौटना पड़ा। बाद में पहुंची सीएमएस ने दोनों में समझौता कराकर मामला रफादफा कर दिया।
बृहस्पतिवार को शाम करीब 4 बजे एक महिला ने शिशु को जन्म दिया। नर्स और आया ने महिला की तीमारदार से खुशी में एक हजार रुपये ले लिए। आया को नर्स सिर्फ दो सौ रुपये देने लगी। आया आधी रकम 500 रुपये मांग रही थी। इस बंटवारे को लेकर दोनों में जमकर तूतू-मैमैं और छीना-झपटी शुरू हो गई। नर्स का पति कुछ साथियों के साथ आ गया। कुछ ही देर बाद आया का पति भी कई लोगों को लेकर आ गया।
माहौल गरमा गया। दोनों पक्षों में जमकर हंगामा हुआ। वहां भर्ती महिलाओं को काफी परेशानी हुई। इस पर तीमारदार भड़क उठे और लूटखसोट के पैसे के लिए लड़ रहे दोनों पक्षों को वार्ड से बाहर कर दरवाजे लगा लिए। इसी दौरान वहां कई मरीजों को आनन-फानन रेफर का पर्चा थमा दिया गया।
अतर्रा से आई गर्भवती मनीषा पत्नी कमलेश तिवारी को बिना इलाज लौटना पड़ा। इसी बीच तीमारदार की सूचना पर मौके पर आईं सीएमएस डा.ऊषा सिंह ने दोनों को समझा-बुझाकर मामला शांत किया। सीएमएस ने बताया कि ड्यूटी को लेकर लड़ रही थीं। बातचीत के जरिए विवाद निपटा दिया गया है। किसी पर कोई कार्रवाई की जरूरत नहीं है।