बांदा। घर में घुसकर किशोरी के साथ दुष्कर्म के जुर्म में युवक को अदालत ने 10 साल की जेल और 55 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर एक साल की अतिरिक्त जेल होगी। जमानत खारिज हो जाने पर आरोपी घटना के बाद से ही जेल में है।
अतर्रा थाना के क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता के पिता ने घटना के 6 दिन बाद पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 14 अप्रैल 2017 को तड़के 4 बजे उसकी पत्नी खेत गई थी। उसकी लगभग 17 वर्षीय बेटी घर में अकेली सो रही थी। पड़ोस का युवक कुलदीप सोनकर पुत्र रामलखन घर की दीवार फांदकर आ गया और पुत्री के साथ दुष्कर्म किया। किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गया। सुबह खेत से लौटी मां को पुत्री ने घटना बताई। पिता सतना में था। वहां वह मजदूरी करता था। 6 दिन बाद लौटकर आया तो रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने धारा 376, 450, 506 आईपीसी व पाक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर तीन दिनों बाद अभियुक्त को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। उसकी जमानत अर्जी स्थानीय अदालत और हाईकोर्ट ने खारिज कर दी। वह जेल में ही है। विवेचना के बाद पुलिस ने अदालत में चार्जशीट दाखिल की।
प्रथम अपर जिला सत्र न्यायाधीश/पॉक्सो एक्ट कोर्ट के विशेष न्यायाधीश ने अभियोजन व बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की सुनवाई के बाद शुक्रवार को सुनाए फैसले में अभियुक्त कुलदीप सोनकर को धारा 376 आईपीसी और पाक्सो एक्ट में 10 साल की कैद व 50 हजार रुपये जुर्माना, धारा 450 में 5 वर्ष की कैद व 5 हजार रुपये जुर्माना किया। जुर्माना अदा न करने पर क्रमश: एक वर्ष और 6 माह अतिरिक्त जेल होगी। जुर्माने की आधी धनराशि पीड़िता को दी जाएगी। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष शासकीय अधिवक्ता रामसुफल सिंह ने 7 गवाह पेश किए।