बांदा। छोटे भाई की हत्या में बड़े भाई व उसके दो पुत्रों को 10 साल की कैद और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। जुर्माना अदा न करने पर एक-एक वर्ष और जेल में रहना होगा। जुर्माने की आधी रकम मृतक की पत्नी को दी जाएगी। हत्याभियुक्त भाई को न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया।
नरैनी कोतवाली क्षेत्र के नंदवारा गांव निवासी सोमदेव पुत्र रामटहलू ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 24 अप्रैल 2014 को सुबह 10 बजे उसका बड़ा भाई चुन्नू और उसके दो पुत्र छोट्टू व भैयाराम घर के पिछवाड़े बांस व जामुन के पेड़ काट रहे थे। छोटे भाई मोतीलाल ने मना किया तो चून्नू और उसके दोनों पुत्रों ने लाठी-डंडों व कुल्हाड़ी से उस पर हमला कर घायल कर दिया। इलाज के दौरान मोतीलाल की मौत हो गई। पुलिस ने धारा 304 आईपीसी की रिपोर्ट दर्ज कर तीनों अभियुक्तों को जेल भेज दिया था। बाद में वह जमानत पर बाहर आ गए थे।
विवेचना के बाद पुलिस ने न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी। प्रथम अपर जिला सत्र न्यायाधीश साकेत बिहारी दीपक ने अभियोजन व बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की सुनवाई के बाद गुरुवार को चुन्नू व उसके दोनों पुत्रों छोट्टू व भैयाराम को गैर इरादतन हत्या का दोषी करार देते हुए तीनों को 10-10 साल की कठोर कारावास व 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता रामसुफल सिंह व कमल सिंह दिखित ने पैरवी करते हुए सात गवाह पेश किए।