बांदा। मुन्ना बजरंगी की हत्या मंडल कारागार में निरुद्ध बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी की आजादी में आड़े आ गई है। मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद से ही मुख्तार अंसारी भी लगातार चर्चा में हैं। जेल में अब उनकी आजादी पर तमाम बंदिशें लागू हो गई हैं।
यहां तक कि उनके साथ बैरक में निरुद्ध मात्र तीन अन्य बंदियों की भी चहल-कदमी पर पाबंदी लगा दी गई है। ये अपनी बैरक के परिसर (अहाते) की सीमा नहीं लांघ पा रहे। उधर, मुख्तार अंसारी का अधिकांश समय बैरक के अंदर ही गुजर रहा है। मुलाकातियों की संख्या भी अब न के बराबर रह गई है।
विधायक अंसारी 21 मार्च 2017 को बांदा जेल लाए गए थे। जेल की सबसे सुरक्षित समझी जाने वाली बैरक संख्या-16 में उन्हें रखा गया है। यह बैरक अन्य बैरकों से अलग-थलग और काफी दूर है। इस बैरक की क्षमता यूं तो लगभग 30 बंदियों की है, लेकिन मुख्तार अंसारी के साथ सिर्फ तीन बंदी रखे गए हैं। वह भी मामूली धाराओं में निरुद्ध किए गए बांदा जिले के ही बाशिंदे हैं।
मुन्ना बजरंगी हत्याकांड के पहले तक मुख्तार अंसारी बैरक से निकलकर अहाते तक चहल-कदमी कर लेते थे। मुलाकातियों से बैठकर बतिया लेते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं रहा। अपनी सुरक्षा को लेकर जहां अंसारी खुद चिंतित हैं, वहीं दूसरी तरफ जेल प्रशासन भी उनकी सलामती के लिए चौकन्ना है। स्थिति यह है कि मुख्तार अंसारी से सिर्फ वही मुलाकात कर पाता है, जिससे वे खुद मिलना चाहते हैं।
अंसारी के परिजनों, जिनमें पत्नी और बेटे आदि शामिल हैं, वह मिलते रहते हैं। पिछले रविवार को उनके दो बेटों ने मुलाकात की थी। अगले दिन सोमवार को दो अन्य परिचित मिले थे। ये उनके क्षेत्र के राजनीतिक लोग बताए गए हैं। हालांकि जेल प्रशासन ऐसी कोई भी जानकारी देने से पूरी तरह परहेज बरत रहा है।
पंजाब आर्मरी लूटकांड के आरोपियों से भी बरती जा रही है सतर्कता
बांदा। विधायक मुख्तार अंसारी को पंजाब आर्मरी गन लूटकांड के मुख्य आरोपियों से भी दूर और सतर्क रखा जा रहा है। गन लूट के आरोपियों को जेल के आइसोलेशन बैरकों में 3-3 करके रखा गया है। यहां तक की खाना-पानी भी बैरक के अंदर ही दिया जा रहा।
गिरोह के मुखिया सुक्खा पासा के तार डी-कंपनी से जुड़े होने की बात खुद वह स्वीकार कर चुका है। ऐसे में जेल प्रशासन और सतर्कता बरत रहा है। इनके बैरकों के आसपास दूसरे बैरकों के बंदियों के आने पर रोक है। ब्यूरो