बांदा। दलित को लाठियों से पीटने के मामले में अदालत ने दो भाइयों समेत तीन अभियुक्तों को चार साल की कैद और दो-दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर 3 माह की अतिरिक्त जेल भुगतना होगी। अदालत का फैसला आने में साढ़े 16 साल का समय लग गया।
अतर्रा थाना क्षेत्र के गोठिल्ला पुरवा निवासी कोदा पुत्र दर्शन कोरी ने 9 अक्तूबर 2000 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने और उसके भाई ने मिलकर पुरवा के इंद्रा, कपिल व मलखान यादव पुत्रगण विशाल व नत्थू पुत्र रघुराज यादव से 6 बिस्वा जमीन खरीदी थी। कब्जा लेने के दौरान विवाद हो गया।
8 अक्तूबर को सुबह 8 बजे शंकर पुरवा की पुलिया के पास चारों ने घेर लिया और लाठियों से पीटकर घायल कर दिया। भाई गोलउवा व पुत्र देवीदीन ने बचाया। पुलिस ने हमलावरों के विरुद्ध धारा 323, 504, 506 आईपीसी व एससीएसटी में रिपोर्ट दर्ज कर ली। विवेचक ने अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। इसमें धारा 323 को 325 में तब्दील कर दिया गया। अभियोजन की ओर से 4 गवाह पेश किए गए।
विशेष न्यायाधीश (एससीएसटी) नीरज कुमार ने सोमवार को अभियुक्त इंद्रा व कपिल पुत्रगण विशाल यादव और नत्थू को धारा 325 में 4-4 साल, 504 में 6-6 माह व 506 में एक-एक वर्ष की जेल और जुर्माने की सजा सुनाई। सभी सजाएं साथ चलेंगी। जेल में बिताई अवधि भी सजा में समायोजित करने के आदेश दिए हैं। चौथे अभियुक्त मलखान यादव की मुकदमा के दौरान मौत हो गई। कपिल अतर्रा नगर पालिका में वार्ड-5 से सदस्य है।
-दलित को लाठियों से पीटने का मामला
-साढ़े 16 साल बाद आया फैसला
अमर उजाला ब्यूरो