बांदा। पलेवा के मौके पर चक परिवर्तन पैमाइश को पैलानी तहसील के सांड़ी गांव पहुंची टीम को ग्रामीणों के जबरदस्त आक्रोश का सामना करना पड़ा। प्रधान प्रतिनिधि की अगुवाई में सांड़ी तिराहे पर धरना देकर जाम लगा दिया। अधिकारियों के समझाने के बाद भी किसान नहीं माने और टीम को बैरंग लौटना पड़ा।
गांव में पैमाइश और चकबंदी में की गईं गड़बडिय़ां दूर करने की मांग लेकर कई दिनों से बांदा मुख्यालय में कई किसानों द्वारा धरना दिया जा रहा है। डीएम के निर्देश पर बुधवार को सहायक चकबंदी अधिकारी राजकुमार सिंह की अगुवाई में नायब तहसीलदार राजेश यादव, राजस्व निरीक्षक अरिफ खां, लेखपाल, थानाध्यक्ष पैलानी श्रीप्रकाश विश्वकर्मा, चौकी इंचार्ज राजनारायण सांड़ी गांव पहुंचे।
खबर मिलते ही किसान भड़क गए और जाम लगा दिया। सहायक चकबंदी अधिकारी ने किसानों को समझाया कि पांच टीमें बनाई गई हैं। एक सप्ताह में नाप पूरी कर ली जाएगी। फसलों को किसी प्रकार का नुकसान नहीं होगा, लेकिन किसानों ने उनकी बात नहीं मानी और विरोध करते रहे।
किसानों का कहना था कि चकबंदी विभाग ने धारा 52 का प्रकाशन करने के बाद पैमाइश के नाम पर खरीफ की फसल को नष्ट किया। अब पलेवा के समय पैमाइश करके रबी की फसल चौपट करने की तैयारी है।
किसानों ने कहा कि पहले धारा 23, 24, वह 27 के तहत कार्रवाई की जाए। उधर, प्रधान प्रतिनिधि पतिराखन निषाद ने कहा कि बुआई के मौके पर पैमाइश, किसानों की जीविका के साथ खिलवाड़ जैसा है।