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कितने असलहे लूटे गए ? 20, 50 या 44 ?

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अमर उजाला ब्यूरो
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बांदा। पंजाब आर्मरी में पड़ी डकैती में लूटे गए असलहों की संख्या को लेकर शुरू से पैदा हुई भ्रम की स्थिति अभी भी बरकरार है। पहले दिन पुलिस ने दुकान मालिक के हवाले से बताया था कि 18 से 20 असलहे लूटे गए हैं। अगले ही दिन बांदा शहर कोतवाली के एसएसआई ताराचंद्र ने बताया कि 50 असलहे लूटे गए हैं। अब पुलिस लूटे गए असलहों की संख्या उतनी ही 44 बता रही है जितने महाराष्ट्र पुलिस ने बदमाशों के पास से बरामद किए हैं।


असलहों जैसी संवेदनशील दुकान में स्टाक का लेखा-जोखा पाई-पाई 24 घंटे दर्ज रहता है। दुकान में उपलब्ध असलहों कारतूसों और की रोजाना रिपोर्ट बनाई जाती है। किसी भी क्षण स्टाक रजिस्टर और दुकान में उपलब्ध असलहों और कारतूसों की गिनती कर असली स्टाक का चंद मिनटों में पता चल जाता है लेकिन पंजाब आर्मरी मामले में पुलिस शुरू से ही भ्रम में है। घटना के दूसरे दिन कोतवाली के एसएसआई ने स्टाक रजिस्टर मिलान के बाद बताया था कि 19 रिवाल्वर समेत 50 असलहे और 4131 कारतूस लूटे गए हैं। इसके बाद अब दुकान के स्टाक रजिस्टरों के हवाले से कहा जा रहा है कि लूटे गए छोटे-बड़े असलहों की संख्या 44 है। यानि पूर्व के दावों से छह असलहे कम बताए जा रहे हैं। एक भी असलहे का इधर-उधर होना गंभीर बात है। डकैतों द्वारा लूटे गए सभी असलहे साधारण किस्म के नहीं हैं। यह कीमती और इंग्लिश व आर्डिनेंस कंपनियों के हैं।
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ऐसे में यह भी संभव है कि असलहों की घपलेबाजी का खामियाजा उन निर्दोष शस्त्र लाइसेंसधारियों को भुगतना पड़ सकता है जिन्होंने स्थानीय निकाय चुनाव में आयोग के आदेश पर अपने असलहे पंजाब आर्मरी में जमा किए थे। लूटे गए ज्यादातर असलहे जमा किए जाने वाले ही हैं। उधर, इस बारे में बांदा शहर कोतवाली प्रभारी डीपी तिवारी का कहना है कि लूटे गए असलहों की संख्या 44 ही है। अब कोई भ्रम की स्थिति नहीं है। पूर्व में स्टाक मिलान के दौरान कुछ असलहों की गिनती दोहरी हो जाने से संख्या बढ़ रही थी। अब स्थिति स्पष्ट है।
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