अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। संदिग्ध परिस्थितियों में मंदिर के पुजारी का शव फंदे से लटका मिला। परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। सुसाइड लेटर भी बरामद हुआ है। पुलिस का कहना है कि इसकी सत्यता पता करने के बाद ही अगली कार्रवाई की जाएगी। परिजनों ने किसी भी रंजिश से इनकार किया है। थाना पुलिस प्रथमदृष्टया आत्महत्या मान रही है।
घटना तिंदवारी थाना क्षेत्र के गोधनी गांव की है। यहां मूलरूप से छतरपुर (एमपी) में राजनगर थाना क्षेत्र के सेमरा गांव निवासी साधू प्रकाश नारायण द्विवेदी (55) तीन साल से राधा-कृष्ण मंदिर में पुजारी था। वह मंदिर में ही रहता था। मंगलवार सुबह देर तक मंदिर का द्वार न खुलने पर श्रद्धालुओं ने पुलिस को सूचना दी। दीवार फांदकर मंदिर के अंदर दाखिल हुए पुलिस कर्मियों को पुजारी का शव बरामदे में छत की हुक पर बंधी रस्सी में लटका मिला। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। मृतक के पास से सुसाइड लेटर भी बरामद हुआ है। हालांकि पुलिस ने परिजनों को इस लेटर के बारे में जानकारी नहीं दी। मृतक के भाई राजाबाबू और बहनोई बाला प्रसाद (परसौड़ा, तिंदवारी) ने बताया कि प्रकाश ने पांच साल पूर्व वाराणसी में संन्यास लिया था। ग्रामीणों के कहने पर तीन साल से मंदिर में पुजारी था। भाई और बहनोई ने हत्या की आशंका जताई है। कहा कि जिस्म के निचले भाग से खून निकल रहा था।
यह भी बताया कि मंदिर से 24 बीघा जमीन जुड़ी है। इसके अलावा सेमरा गांव में भी उसकी नौ बीघा जमीन है। प्रकाश तीन भाइयों में बड़ा और अविवाहित था। उधर, थाना प्रभारी निरीक्षक रामाश्रय यादव का कहना है कि प्रथमदृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है। मूर्तियां व अन्य सभी सामान सही सलामत हैं। सुसाइड नोट के बारे में थाना प्रभारी ने कहा कि इसमें आत्मसम्मान का जिक्र है। यह स्पष्ट नहीं है कि किसके बारे में लिखा है। जांच की जा रही है। यह भी पता किया जा रहा है सुसाइड पत्र वास्तविक है या षड्यंत्र।
-परिजनों ने जताई हत्या की आशंका
-सुसाइड लेटर की पुलिस कर रही जांच
-मंदिर के अलावा पुजारी के पास भी है जमीन