अदालत ने दहेज हत्या के आरोप में 10 साल की कैद व 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। सास-ससुर को संदेह के आधार पर दोष मुक्त कर दिया। अतर्रा थाना क्षेत्र के पचोखर गांव निवासी मंगल पुत्र राममनोहर ने कमासिन थाने में 9 सितंबर 2014 को दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा था कि उसने अपनी पुत्री की शादी एक साल पहले भीती गांव निवासी नवलकिशोर पुत्र बलवीर के साथ की थी।
नवलकिशोर और उसके भाइयों ने बाइक की मांग पूरी न होने पर 7 सितंबर को पुत्री को मार डाला। पुलिस ने पति के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। बाद में सास प्रेमा, ससुर बलवीर के खिलाफ अलग से आरोप पत्र दाखिल किया गया। मामले की सुनवाई त्वरित न्यायालय प्रथम शाम कुमार की अदालत में हुई।
शासकीय अधिवक्ता शिवपूजन पटेल ने सात गवाह पेश किए। गुरुवार को फैसला सुनाते हुए न्यायाधीश ने सास-ससुर को दोष मुक्त करते हुए पति नवल किशोर को धारा 304 बी में 10 वर्ष की सश्रम कारावास, 498 ए में तीन वर्ष सश्रम कारावास व 20 हजार रुपये जुर्माना, दहेज प्रतिषेध अधिनियम में दो साल की कैद और 10 हजार रुपये जुर्माना किया। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।