बांदा। बुंदेलखंड में बांदा-चित्रकूट लोकसभा में कांग्रेस के बाद लाल परचम लहराया था। 1967 के बाद लोकसभा चुनाव हो या विधानसभा सभी में करीब दशक भर भाकपा हावी रही, लेकिन अब इस दल को जमानत बचाने के भी लाले हैं। भाकपा प्रत्याशी रामचंद्र सरस पांचों विधानसभा से दस वोट भी नहीं बटोर पाए। उन्हें सिर्फ 9,436 वोट ही मिले। यह पार्टी अन्य छोटे दलों व निर्दलीयों की श्रेणी में रही।
बांदा-चित्रकूट लोकसभा सीट में 1957 के चुनाव में कांग्रेस के दिनेश सिंह पहले सांसद बने। इसके बाद 1962 में इसी दल की सावित्री निगम सांसद बनकर दिल्ली पहुंचीं। इसके बाद भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जागेश्वर यादव ने 1967 में कांग्रेस के विजयरथ को रोका। इसके बाद 1989 में भाकपा के रामसजीवन ने भाजपा के प्रकाश नारायण को हराकर सांसद बने। तब से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी जीत के लिए तरस गई।
इस बार भाकपा ने बांदा-चित्रकूट सीट से डा.रामचंद्र सरस को उतारा था। उन्हें पांच विधानसभा क्षेत्रों में सिर्फ 9436 वोट ही मिल पाए। बबेरू विधानसभा में भाकपा को 2067, नरैनी में 1959, बांदा सदर में सिर्फ 1399, चित्रकूट में 1896 व मानिकपुर विधानसभा में 2115 वोट मिले। जबकि चित्रकूट व मानिपुर सीट में वह निर्दलीयों से भी नीचे रहे। अपना दल कमेरावादी को निर्दलीयों से भी कम मिले वोट
इस बार लोकसभा चुनाव में भाजपा, बसपा,सपा, भाकपा व अपना दल सहित 12 प्रत्याशी चुनाव मैदान में रहे। इनमें दो निर्दलीय प्रत्याशी भी शामिल हैं। अपना दल (कमेरावादी) ने यहां समाजसेवी प्रमोद आजाद को चुनाव मैदान में उतारा था, लेकिन वह निर्दलीयों से भी कम वोट पाए। उन्होंने सभी पांच विधानसभा क्षेत्रों में सिर्फ 2141 वोट ही मिले। उन्हें बबेरू में 476, नरैनी में 378, बांदा में 272, चित्रकूट में 473 और मानिकपुर विधानसभा में 542 वोट मिले।
भाकपा व अन्य छोटे दलों की स्थिति
प्रत्याशी बबेरू नरैनी बांदा चित्रकूट मानिकपुर कुल मिले मत
रामचंद्र 2067 1959 1399 1896 2115 9436
गुलाबचंद्र 1273 1057 811 1189 1575 5905
दिनेश कुमार पटेल 334 365 204 800 804 2507
पंचमलाल 996 781 512 3007 2418 7714
प्रमोद आजाद 476 378 272 473 542 2141
बाबूलाल 446 454 303 563 592 2358
राम सिंह 698 675 527 644 803 3347
सुरेंद्र कुमार 798 896 634 697 1085 4110
रामचरन 1013 1126 728 1219 1333 5419