बांदा। माफिया मुख्तार की सेहत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। बुधवार की शाम मंडलीय कारागार पहुंचे व्यक्ति ने खुद एमपीएमएलए कोर्ट की जज का पेशकार बताकर न सिर्फ जेल अधीक्षक से 20 मिनट तक मुलाकात की बल्कि दो दिनों के भीतर पूरी रिपोर्ट कोर्ट को देने का आदेश भी उन्हें दिखाया।
बता दें कि मंगलवार की सुबह अचानक माफिया की तबीयत बिगड़ने पर उसे मंडल कारागार से मेडिकल कॉलेज ले जाया गया था। उसे पेट में दर्द और कब्ज की शिकायत थी।इसके बाद मंगलवार की देर शाम ही मुख्तार को वापस कारागार भेज दिया गया था। बुधवार शाम करीब साढ़े पांच बजे के आसपास कारागार में खुद को पेशकार बताने वाले मनोज द्विवेदी ने जेल अधीक्षक से मुलाकात कर उन्हें कोर्ट के आदेश से अवगत कराया। जिसमें पूछा गया कि कब से मुख्तार की तबीयत बिगड़ी, उसने उस दिन क्या क्या खाया था और अब उसकी सेहत कैसे है, आदि की पूरी रिपोर्ट मांगी गई है।
मेडिकल कॉलेज से माफिया मुख्तार अंसारी को सीधे उसके बैरक में ले जाया गया। जहां बुधवार को जिला अस्पताल के डॉक्टरों की टीम ने उसकी सेहत की जांच की। डॉक्टरों ने बताया कि फिलहाल मुख्तार को पहले से आराम है और सेहत में सुधार भी हो रहा है।
डॉक्टरों ने बताया मुख्तार को जरूरी दवाएं दी जा रहीं हैं और उसकी सेहत पर पूरी नजर रखी जा रही है।
- उम्र व रोजे की वजह से बिगड़ी थी हालत
डॉक्टरों की माने 63 साल की उम्र में मुख्तार के पेट की आंतों की सक्रियता काफी कम हो गई है। उस पर दिन भर रोजा रहने के बाद कुछ अधिक खा लेने से ही उसे पेट दर्द और कब्ज की शिकायत हुई थी। इसी वजह से गैस का पास होना भी बंद हो गया था। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।
- चिप्स, कुरकुरे व फलों का शौकीन है माफिया
कुछ समय पूर्व बाराबंकी कोर्ट में वर्चुअल पेशी के दौरान मुख्तार ने न्यायाधीश से बांदा जेल में चिप्स, कुरकुरे व फल जिसमें लखनऊ के आम खाने के लिए उपलब्ध कराने की मांग की थी। माना जा रहा है कि कुछ ऐसी ही चीजों का अधिक सेवन करने से उसकी हालत बिगड़ी होगी।
- आठ दिनों तक मिलने पर लगाई पाबंदी
जेल सूत्रों की मानें तो मेडिकल काॅलेज से लौटने के बाद मुख्तार से मिलने में पाबंदी लगा दी गई है। आदेश हैं कि कोई भी व्यक्ति आठ दिनों तक मुख्तार से जेल में मुलाकात नहीं कर सकता है। यही वजह थी कि बुधवार को भी उसके घर से भी कोई नहीं मिलने के लिए पहुंचा।