बांदा। विश्व मजदूर दिवस पर जन शिक्षण संस्थान ने गोष्ठी का आयोजन किया। संस्था के निदेशक सलीम अख्तर ने कहा कि मजदूरों का समाज में महत्वपूर्ण योगदान है। उन्हें न्याय और सम्मान मिलना चाहिए। शोषण से मुक्ति दिलाना जरूरी है।
इंदिरा नगर स्थित प्रशिक्षण हाल में मई दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन हुआ। निदेशक ने कहा कि इसकी शुरुआत 1886 में अमेरिका में हुई थी। 1923 में भारत में मनाया गया। कार्यक्रम अधिकारी सौम्या खरे ने कहा कि औद्योगिकीकरण के युग में मजदूरों से 15 घंटे काम लेकर उनका शोषण किया गया। इसके बाद मजदूर एक साथ आए और व्यवस्था के खिलाफ विद्रोह किया।
कार्यालयों, खेतों व कारखाना में काम करने वाले सभी को न्याय मिला और आठ घंटे ड्यूटी निर्धारित की गई। दिहाड़ी भी सम्मान जनक मिलने लगी। कार्यक्रम में संजय कुमार पांडेय, लक्ष्मीकांत दीक्षित, अनुदेशिका शालिनी द्विवेदी सहित 50 प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे। (संवाद)
मजदूर के हक पर की चर्चा
बांदा। वनांगना संस्था ने सकरीहा पुरवा गांव में विश्व मजदूर मनाया। कार्यकर्ता श्याम कली व शोभा ने मजदूरों के हक पर चर्चा की। लीडर्स बालिकाओं ने गीत प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में 60 मनरेगा मजदूर शामिल हुए। बताया कि गांव में काम नहीं मिलता। सबीना मुमताज ने कहा कि संगठित होकर समस्या प्रशासन के पास रखी जाएगी। कार्यक्रम में पूनम,उर्मिला, सविता,सोनम, कुसुमा,रानी,रामरती,सिया बाई आदि उपस्थित रहीं।(संवाद)