बांदा। खेत से लौटे खेतिहर मजदूर की संदिग्ध परिस्थिति में हालत बिगड़ गई। परिजन उसे लेकर पहले बिसंडा पीएचसी फिर जिला अस्पताल पहुंचे। जिला अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया। शव को मोर्चरी में रखाया गया है।
बिसंडा थाना क्षेत्र के ओरन गांव निवासी रामप्रताप (55) बटाई दो बीघा खेत लेकर किसानी का कार्य करता था। शुक्रवार की शाम पांच बजे वह खेत से लौटा तो उसकी हालत बिगड़ गई। मुंह से झाग आने पर परिजनों ने उसे बिसंडा पीएचसी पहुंचाया। वहां से उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया। जिला अस्पताल में शाम साढ़े छह बजे डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक की पत्नी केता ने बताया कि उसके पांच पुत्रियां हैं। इनमें तीन पुत्रियां सपना, शबनम, बीनू, अंशिका, किरन। पुत्र अमित है। तीन पुत्रियां शादी के योग्य हैं। आर्थिक तंगी भी थी। उन्होंने बताया कि खेत से लौटने पर रामप्रताप हालत बिगड़ी हुई थी। मुंह से झाग आ रहा था। उन्होंने आशंका जताई कि सर्प दंश भी हो सकता या उसने जहर खा लिया। यह परिजन सही नहीं बता पा रहे हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखाया गया है।
उधर, बिसंडा थानाध्यक्ष कृष्णदेव त्रिपाठी ने बताया परिजन सही कारण नहीं बता पा रहे हैं। रामप्रताप को बिसंडा पीएचसी से रेफर किया गया था। जिला अस्पताल में उसकी मौत हुई है। शव को मोर्चरी में रखाया गया है। (संवाद)