फोटो-24बीएनडीपी-02 : घूरी गांव के सामुदायिक शौचालय में बंद ताला और बरामदे में भरे कंडे।
घूरी गांव में लोकपाल के निरीक्षण में खुली पोल, नहीं दिखाए गए अभिलेख
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। बिसंडा ब्लाक क्षेत्र के घूरी गांव में ग्राम स्तरीय व्यवस्थाएं ध्वस्त पड़ी हैं। मनरेगा लोकपाल के आकस्मिक निरीक्षण में यहां चल रही अंधेरगर्दी उजागर हुई। ग्राम सचिवालय में अधिकांश कर्मी नदारद मिले। लोकपाल को अभिलेख भी नहीं दिखाए गए। ग्राम सचिवालय परिसर में स्थित सामुदायिक शौचालय में ताला और बरामदे में कंडे भरे मिले।
मनरेगा लोकपाल डॉ. नंदलाल शुक्ल ने शुक्रवार को यहां आकस्मिक निरीक्षण किया। पंचायत सचिवालय में सिर्फ पंचायत सहायक को छाेड़कर अन्य सभी कर्मचारी लापता मिले। बताया गया कि मनरेगा संबंधी अभिलेख प्रधान और सचिव के पास हैं। सचिवालय में कंप्यूटर नहीं है। अन्य उपकरण खराब पड़े हैं।
ग्राम स्तरीय कर्मचारी, लेखपाल व एएनएम आदि सचिवालय कभी नहीं आते। ग्रामीणों ने बताया कि अपने छोटे कामों के लिए भी ब्लाॅक कार्यालय भागना पड़ता है। लोकपाल ने ग्रामीणों के हवाले से बताया कि गांव में ग्राम पंचायत सचिवालय मात्र सफेद हाथी साबित हो रहा है। भवन तक जाने का रास्ता नहीं है। रास्ते में दो फिट पानी भरा रहता है। केयर टेकर नत्थू प्रसाद के बारे में ग्रामीणों ने कहा कि कभी काम नहीं करते। सफाई कर्मी यदाकदा आता है। यहां सचिव पद पर प्रमोद कुमार वर्मा कार्यरत हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि वह भी सचिवालय में उपस्थित नहीं रहते। गांव की सफाई भी बेहद घटिया मिली। लोकपाल ने कहा कि पूर्व सूचना के बाद भी कर्मचारी उनके निरीक्षण के दौरान नदारद रहे। लोकपाल ने निरीक्षण रिपोर्ट डीएम, सीडीओ, उपायुक्त (मनरेगा) और बीडीओ व डीडीओ को भेजकर संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति की है।