बांदा। प्रयागराज में संविदा चालक की आत्महत्या के मामले में परिजनों ने बिना रुपये दिए ड्यूटी न लगाने व नौकरी से निकालने की धमकी देने का आरोप लगाया। उधर, घर के इकलौते कमाऊ युवक की मौत से परिवार बेहाल हो गया। पिता की पहले ही मौत हो चुकी है।
कमासिन थाना क्षेत्र के दतौरा गांव निवासी वेद प्रकाश यादव बांदा डिपो में 2019 में संविदा चालक पद पर नियुक्ति हुआ था। रविवार को दोपहर तीन बजे वह बस लेकर प्रयागराज गया था। लगभग 7:30 बजे जीरो रोड डिपो पहुंचने के बाद परिचालक खाना खाने चला गया। सूनी बस में उसने सर्पोट राड में रस्सी फंदा लगाकर जान दे दी।
घटना की खबर मिलने के बाद घर में कोहराम मच गया। चालक के पिता नरेंद्र सिंह यादव की पहले ही मौत हो चुकी है। परिचालक मोहम्मद नसीम ने आरोप लगाया कि अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा लोगों का शोषण किया जा रहा है। खुद उसका दो माह से वेतन रुका है।
उधर, मृतक चालक के भाई पुरुषोत्तम ने आरोप लगाया कि रोडवेज में बिना रुपये दिए ड्यूटी नहीं लगाई जाती है। नौकरी से निकालने की धमकी मिलती रहती थी। इसी के चलते उसने आत्महत्या की। मृतक के साले लवलेश ने बताया कि रोडवेज के अधिकारी लगातार उत्पीड़न कर रहे थे। कई बार उसने पत्नी से रुपये लेकर अधिकारियों को दिए।
जनवरी माह में उस पर बस में आग लगने पर पांच हजार जुर्माना लगा था। जब कि आग शार्ट सर्किट से लगी थी। उसका कोई दोष नहीं था। इन्ही समस्याओं को लेकर वह तनाव में रहता था। इधर, क्षेत्रीय प्रबंधक लक्ष्मण सिंह का कहना है कि परिजनों के आरोप निराधार है। यदि उसे किसी से शिकायत थी तो अवगत कराता।