सीएमओ ने नियम विरुद्ध स्वास्थ्य कर्मी को दे दी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति
महानिदेशक परिवार कल्याण ने पत्र जारी कर बांदा सीएमओ से मांगा स्पष्टीकरण
गजेंद्र पांडेय
बांदा। महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता को 2106 दिन का अवकाश स्वीकृत करने के बाद बांदा सीएमओ ने नियम विरुद्ध उसकी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति भी स्वीकृत कर दी। इतना ही नहीं अवकाश के समय की वेतन वृद्धि व एरियर का भुगतान नहीं हुआ। इस पर स्वास्थ्य कर्मी ने आईजीआरएस पर शिकायत दर्ज कराई। तब प्रकरण में सीएमओ की मनमानी सामने आई। मामले में महानिदेशक परिवार कल्याण ने आख्या मांगी तो सीएमओ की तरफ से त्रुटिपूर्ण व भ्रामक आख्या आईजीआरएस पोर्टल पर अपलोड कर दी। अब महानिदेशक ने सीएमओ को पत्र जारी कर मांगी गई जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। जानकारी न देने पर कार्रवाई के लिए शासन को संस्तुति करने की चेतावनी दी है।
महानिदेशक परिवार कल्याण की तरफ से बांदा सीएमओ को 15 जुलाई को पत्र जारी किया गया था। इसमें बताया गया है कि महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता सुमन खरे को एक जून 2015 से तीन मार्च 2021 तक 2106 दिन का अवकाश स्वीकृत किया गया। इसके बाद सीएमओ ने सुमन की स्वैच्छिक सेवानिवृत्त अपने स्तर से ही स्वीकृत कर दी। जो कि शासन की नियमावली के विरुद्ध है। मामले को लेकर पिछले माह 15 जून को महानिदेशक ने पत्र के माध्यम से सीएमओ से आख्या मांगी थी। जिसमें सीएमओ ने मांगी गई जानकारी न देते हुए गलत व भ्रामक आख्या पोर्टल पर अपलोड कर दी। पत्र में सीएमओ के इस कृत्य को निंदनीय बताते हुए नाराजगी जताई है। पत्र में कहा गया है कि सुमन खरे ने आईजीआरएस के माध्यम से आपके द्वारा स्वीकृत अवकाश के समय की वेतन वृद्धि और एरियर के भुगतान की मांग की है। जो नियम के विरुद्ध है। प्रकरण का जिला स्तर से ही निराकरण किया जाना था। जो आपके स्तर से नहीं किया गया। इससे अनावश्य रूप से मामले में विवाद की स्थिति उत्पन्न हो रही है। जिसके लिए जनपद स्तर के अधिकारी पूरी तरह से जिम्मेदार हैं। प्रकरण का समय से व गुणवत्ता परक तरीके से निस्तारण नहीं किये जाने से आईजीआरएस पोर्टल पर डिफाल्टर श्रेणी में प्रदर्शित हो रहा है। ऐसे में शासन स्तर से प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए तत्काल निस्तारण की अपेक्षा की जा रही है। कहा कि तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रकरण का जल्द निस्तारण कर अपना स्पष्टीकरण भेजें। अन्यथा की स्थिति में आपके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति शासन से की जायेगी। इसके लिए आप खुद जिम्मेदार होंगे।
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संज्ञान में नहीं है मामला
बांदा सीएमओ डॉ. अनिल श्रीवास्तव का कहना है कि किसी भी स्वास्थ्य कार्यकर्ता को अपने स्तर से स्वैच्छिक सेवानिवृत्त देने का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है।