बांदा। कोर्ट ने गैरइरादतन हत्या में दोष सिद्ध होने पर एक आरोपी को पांच साल की सजा सुनाई है, जबकि दूसरे आरोपी की मुकदमा दरम्यान मौत हो चुकी। आरोपी जमानत पर था। उसे पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
अतर्रा कोतवाली क्षेत्र भवानी गंज मोहल्ले में 11 जुलाई 2009 की शाम पांच बजे तीन लोगों उमाशंकर, गया प्रसाद और एक अन्य महिला ने रामप्रसाद को लात घूसों से पीटा था। उनकी जिला अस्पताल से लखनऊ ले जाते समय मौत हो गई थी। घटना की रिपोर्ट उनकी पत्नी सुखिया ने दर्ज कराई थी। बताया कि आरोपी अपनी छत से उसके आंगन में झांक रहे थे। मना कराने पर आरोपियों ने पति को पीटा।
पुलिस ने विवेचना में सामने आए दो आरोपी उमाशंकर व गया प्रसाद के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। मुकदमा के दौरान गया प्रसाद की मौत हो गई थी। अभियोजन पक्ष से 10 गवाह पेश किए गए।
मामले की सुनवाई कर रहे प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश मोहम्मद अशरफ अंसारी ने दोष सिद्ध पाए जाने पर आरोपी उमाशंकर उर्फ मोहना पुत्र गया प्रसाद को धारा 304 के भाग-दो में पांच वर्ष की सश्रम कारावास व दस हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।
जुर्माना न देने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना पड़ेगा। जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी। अर्थदंड की धनराशि से वादी को आठ हजार बतौर मुआवजा देने के आदेश दिए गए हैं। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार तिवारी ने पैरवी की।