बांदा। शहर में रोडवेज के समीप स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में शनिवार को बच्चे की मौत हो गई। इस पर परिजनों ने हंगामा किया और चिकित्सक समेत स्वास्थ्य कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाया।
गिरवां थाना क्षेत्र के सहेवा गांव निवासी अशोक कुमार की पत्नी ने बच्चे को जन्म दिया। बच्चे की हालत खराब होने पर 29 अगस्त को उसे रोडवेज स्टैंड के पास स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सक के मुताबिक बच्चे की हालत गंभीर थी और उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। इस पर उपचार करते हुए बच्चे को मशीन पर रख दिया।
शुक्रवार की शाम तक बच्चे की हालत में सुधार नहीं आया। शनिवार को दोपहर एक बजे बच्चे की मौत हो गई। इस पर बच्चे के पिता अशोक और उसके परिजनों ने चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाया। अशोक के मुताबिक शनिवार को 11 बजकर 40 मिनट पर उससे 3500 रुपये जमा कराए गए। कहा गया कि बच्चा ठीक है, लेकिन बाद में एक बजे बच्चे को मृत बता दिया।
अशोक ने आरोप लगाया कि उसके बच्चे की पहले ही मौत हो गई, उससे बताया नहीं गया। उसने मामले की जांच कराए जाने की मांग की। इधर, चिकित्सक डा. नरेंद्र गुप्ता का कहना है कि गंभीर हालत में बच्चे को 29 अगस्त को अस्पताल लाया गया था, उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। बच्चे के परिजनों को बताया गया था कि वह प्रयास कर सकते हैं।
इस पर बच्चे को मशीन में रखते हुए उपचार किया गया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ और शनिवार को दोपहर एक बजे बच्चे की मृत्यु हो गई। डाक्टर ने कहा कि बच्चे के इलाज में कोई लापरवाही नहीं हुई। मृत बच्चे के पिता का आरोप बेबुनियाद है।