बड़े बचे, बीआरसी के कंप्यूटर आपरेटर की सेवा समाप्त
- कबाड़ी की दुकान में मिली सरकारी किताबों पर बीएसए ने की कार्रवाई, बीईओ को दिए जांच के आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। बबेरू में कबाड़ी की दुकान से 1268 किताबों के मिलने के मामले में गाज एक संविदा कर्मी पर गिरी है। बीएसए ने तत्काल प्रभाव से बीआरसी में कार्यरत कंप्यूटर आपरेटर की सेवा समाप्त कर दी है। इसके साथ ही खंड शिक्षा अधिकारी को जांच के आदेश दिए हैं।
एक पखवारे के अंदर दूसरी बार बबेरू क्षेत्र में तिंदवारी रोड स्थित कबाड़ी की दुकान से पुलिस ने पांच प्लास्टिक की बोरियों में भरी करीब 1268 किताबें बरामद की हैं। मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर कबाड़ी विमल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इसके बाद बेसिक शिक्षा विभाग को सुध आई। सोमवार को बीएसए प्रिंसी मौर्या ने सख्त रुख अपनाते हुए बीआरसी बबेरू में कार्यरत कंप्यूटर आपरेटर जयदीप की तत्काल प्रभाव से सेवा समाप्त कर दी। बीएसए ने बताया कि पुलिस की पूछताछ में मिले मोबाइल नंबर की जांच की गई। यह नंबर कंप्यूटर आपरेटर का था। इसी आधार पर उसकी सेवा समाप्त की गई है। इसके साथ ही खंड शिक्षा अधिकारी को जांच के आदेश दिए गए हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद जो भी जिम्मेदार होंगे उन पर भी कार्रवाई की जाएगी। सरकारी पुस्तक वितरण में हुआ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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सभी बीईओ से मांगी सत्यापन रिपोर्ट
बांदा। बीएसए प्रिंसी मौर्या ने बताया कि सभी खंड शिक्षा अधिकारी स्कूलों में पुस्तक वितरण की सत्यापन रिपोर्ट दे चुके हैं। इसके बाद बबेरू में कबाड़ी की दुकान में पुस्तकें मिलना हैरत की बात है। उन्होंने सभी बीईओ से दोबारा पुस्तक वितरण सत्यापन के निर्देश दिए हैं। हस्ताक्षरयुक्त वितरण आख्या मांगी है। इसमें लापरवाही बरतने वाले बीईओ पर भी कार्रवाई की जाएगी।
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सपा नेता ने सीएम से उच्च स्तरीय जांच की मांग की
बांदा। छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष व सपा नेता सुशील त्रिवेदी ने मुख्यमंत्री को मांगपत्र भेजकर सरकारी किताबों के वितरण की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। कहा है कि छह फरवरी को भी बबेरू में एक कबाड़ी की दुकान से 5519 सरकारी किताबें मिली थीं। इसमें बीएसए ने शिक्षक को निलंबित कर दिया था। वहीं शत-प्रतिशत वितरण की रिपोर्ट देने वाले जिम्मेदारों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब फिर बबेरू में ही कबाड़ी की दुकान से 1268 सरकारी किताबें बरामद हुईं। इसके पूर्व 16 जनवरी 2020 को भी बड़ोखर खुर्द ब्लाक क्षेत्र की हजारों किताबें कबाड़ में बेची गई थीं। इसमें चतुर्थ श्रेणी कर्मी को निलंबित कर औपचारिकता पूरी कर ली गई। उन्होंने उच्च स्तरीय जांच कराने और बच्चों को मुफ्त बांटी जाने वाली सरकारी पुस्तकों में लापरवाही सामने आने पर कड़ी कार्रवाई का अनुरोध किया है। (संवाद)