बांदा। शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने दुर्गा सप्तशती पाठ व हवन पूजन किया। देवी पंडालों में रंगीन रोशनी के बीच भक्तों ने मैया के दर्शन कर मनौतियां मानी। महेश्वरी देवी, काली देवी, सिंहवाहिनी, जोगनी, महामाई, मरही माता मंदिर आदि में श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक के साथ नारियल, चुनरी, पान, बतासा आदि देवी को समर्पित किया। कन्याओं को प्रसाद के रूप में मिठाई बांटी। उधर, खत्री पहाड़ विंध्यवासिनी मेले में दूसरे दिन यूपी व एमपी के हजारों श्रद्धालुओं ने माथा टेका। 111 सीढि़यां चढ़कर प्राचीन मंदिर के दर्शन किए। पहाड़ की तलहटी स्थित नए मंदिर में दुर्गा सप्तशती पाठ और हवन पूजन हुआ। महिलाओं ने बच्चों का मुंडन व कनछेदन संस्कार आदि कराए। कई श्रद्धालुओं ने मन्नते पूरी होने पर मां को हलवा-पूड़ी का भोग लगाकर कन्या भोज कराया। रात में रामलीला, काला जादू, झूला आदि आकर्षण का केंद्र रहे।
उधर, बबेरू संवाद के अनुसार मां मढ़ीदाई व अदभुत शिव मंदिर में दिनभर भक्तों का तांता लगा रहा। बाकल की जोगीन माता मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भीड़ रही। खप्टिहा कलां संवाद सहयोगी के अनुसार पाथादाई व गढ़ीदाई मंदिर, तिंदवारी के काली देवी मंदिर, संतोषी माता मंदिर सहित मुंगुस में भक्तों का ताता लगा रहा। दिनभर घंटों की आवाज गूंजती रही। इसके साथ ही शहर सहित गांवों में स्थित दुर्गा पंडाल शाम होते ही जगमगा उठे। मैया के दर्शनों को श्रद्धालुओं की खासी भीड़ रही। सुरक्षा की दृष्टि से मंदिरों व पंडालों में भारी पुलिस बल तैनात रहा।
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