बांदा। जेल में ‘आम’ का नहीं, पर ‘खास’ का काफी क्रेज है, इसकी बानगी शासन की कार्रवाई के बाद सामने आई है। पूर्व विधायक बाहुबली मुख्तार अंसारी की खुशामद को लेकर पूर्व में हुई कार्रवाई के बाद भी जेल अधिकारी सबक नहीं ले रहे हैं। मुलाकात से लेकर खान-पान तक जेल मैनुअल के मुताबिक दिए जाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन असलियत कुछ और है। मैनुअल पर पालन होता तो शायद जेल अधीक्षक अविनाश गौतम निलंबन के शिकार नहीं होते।
जब से मुख्तार अंसारी बांदा जेल आए हैं तब से यह सुर्खियों में है। शासन स्तर से जेल पर पूरी निगाह रखी जा रही है। यहां लगे 42 सीसीटीवी कैमरों समेत बॉडी वार्मर कैमरों से लैस बंदी रक्षकों को मुख्तार की सुरक्षा में लगाया गया है। इतनी चाक-चौबंद व्यवस्था के बाद भी खामियां उजागर होने और कार्रवाई की जद में अधिकारियों के आने से जेल की सुरक्षा पर सेंध जैसा है। हालांकि जेल में आम आदमी की कद्र नहीं है, लेकिन खास की कद्र ऐसी है कि जेल अधिकारियों और कर्मियों को अपनी नौकरी बचाना मुश्किल हो रही है।
सूत्रों की मुताबिक कहने को तो बाहुबली जेल में है, लेकिन सुविधाओं में कोई कमी नहीं रही। रसूख इस कदर हावी था कि किसी जेल कर्मी की विरोध करने की हिम्मत नहीं होती थी। निलंबित जेल अधीक्षक हों या फिर पूर्व में कार्रवाई की जद में आ चुके जेलर व डिप्टी जेलर भी रसूख के सामने बौने साबित हो गए। जेल सूत्रों के मुताबिक कायदे-कानून ताक पर रख दिए गए थे। न चाहते हुए भी मजबूर थे। उधर, नवागंतुक डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल का कहना है कि प्रकरण उनके पहले का है। पूर्व में जेल में मजिस्ट्रेट द्वारा की गई जांच के आधार पर शासन ने कार्रवाई की गई है। अब वह खुद जेल में निगाह रखेंगी।
जेल में बंद बंदियों का मांगा ब्योरा
बांदा। जेल की चहारदीवारी में मौजूदा में बंद बंदियों का ब्योरा खंगाला जाएगा। शासन ने हरेक बंदी की डिटेल तलब की है। हालांकि इस संबंध में जेल अधिकारी इसकी पुष्टि नहीं कर रहे। सूत्रों के मुताबिक माना जा रहा है कि मुख्तार अंसारी से जुड़े लोग भी किसी न किसी जुर्म में जेल में हैं। मुख्तार अंसारी के जेल आने वाले समय से लेकर अब तक जितने भी बंदी जेल पहुंचे हैं, उनका ब्योरा तलब किया गया है। मुख्तार के करीबियों के जेल में होने की सत्यता सामने आने पर शासन कड़ा रुख अपना सकता है। इस संबंध में जेलर का कहना है कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। फिलहाल वह कुछ भी नहीं बता सकेंगे।