जर्जर यूनीपोल दुरुस्त करते ठेका कंपनी के कर्मचारी।
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बांदा। नगर पालिका, पीडब्ल्यूडी और प्रशासन की लापरवाही से शहर मेें जगह-जगह राहगीरों के सिर पर मंडरा रहे खतरनाक यूनीपोल अब दुरुस्त होने लगे हैं। इनकी मरम्मत का काम शुरू हो गया है। संबंधित एजेंसियों और विभागों की नींद तब टूटी जब ‘अमर उजाला’ ने दो दिन पूर्व यूनीपोल और होर्डिंग्स के बारे में खबर प्रकाशित की। शहर की व्यस्त सड़कों सहित शहर की सरहद पर स्थित लगभग सभी बाईपास मार्गों में यूनीपोल लगाए गए हैं। इनमें कई विज्ञान के हैं और कुछ नगर पालिका के। शहरी क्षेत्र में यूनीपोल लगाने वाली कंपनी नगर पालिका को टैक्स अदा करती है। लेकिन बेहद लापरवाही और खतरनाक ढंग से लगाए गए यूनीपोल तेज आंधी में धराशाई हो रहे हैं। कई यूनीपोल ध्वस्त भी हो चुके हैं। राहगीर बाल-बाल बचे थे। 17 व 19 जून को ‘अमर उजाला’ में होर्डिंग और यूनीपोल की खबर छपनेे के बाद गिराऊ हालत मेें आ चुके खतरनाक यूनीपोल की तत्काल मरम्मत का काम शुरू हो गया। यूनीपोल का ठेका किए कंपनी के कर्मचारी मजदूरों के साथ जर्जर यूनीपोल को दुरुस्त कर रहे हैं। जरूरत के मुताबिक सीमेंट से इन्हें जकड़ा भी जा रहा है। यह काम जारी है।