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Banda News: खुदकुशी से पहले रोहन ने की तोड़फोड़, जला दिए सर्टिफिकेट

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बांदा। खुदकुशी से पूर्व छात्र ने किराए के मकान में तोड़फोड़ भी की थी। कप प्लेटें तोड़कर सर्टिफिकेट को आग के हवाले कर दिया था। यह खुलासा पुलिस की पूछताछ के दौरान पत्नी आकांक्षा ने किया है।
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पीलीभीत के बिसलपुर गांव निवासी आकांक्षा ने बताया कि उसकी मुलाकात मेरठ के रोहन से नीट के दौरान हुई थी। वह नीट परीक्षा में सफल हो गया था, जबकि वह पास नहीं हो पाई थी। इसके बाद रोहन ने अगस्त 2023 में रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज बांदा में एडमिशन ले लिया था। इससे पूर्व आकांक्षा और रोहन ने गाजियाबाद कोर्ट में जुलाई 2023 को कोर्ट मैरिज की थी। यह बात रोहन ने अपने घरवालों से छिपाई थी। दोनों अलग-अलग बिरादरी के थे।
रोहन के बांदा में एडमिशन लेने के बाद वह उसके साथ बांदा में रहने चली आई थी। यहां दोनों ने कुशवाहा नगर में किराए का मकान ले लिया था। इस बीच रोहन को शेयर मार्केट में रुपये लगाने की लत पड़ गई थी। उस पर करीब ढाई लाख का कर्ज हो गया था। एक सप्ताह पहले रोहन अपने घर मेरठ गया था। वह भी अपने घर पीलीभीत मां के पास गई थी। बुधवार को आकांक्षा व रोहन दोनों ही दोपहर के समय बांदा आए थे। यहां मकान मालिक से चाबी लेकर वह मकान में आए। यहां देर शाम से ही रोहन काफी अपसेट था।
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वह बार-बार शेयर मार्केट में पैसा डूबने की बात कह रहा था। उसने समझाने की कोशिश की तो वह झगड़ने लगा। गुस्से में उसने कप प्लेटे व सर्टिफिकेट जला दिए थे। गैस सिलिंडर को कमरे में उठाकर आग लगाने का भी प्रयास किया था। इस बीच वह उसे किसी तरह से शांत कराकर सोने चली गई। इस बीच उसने आत्महत्या कर ली
इनसेट....

पांच हजार रुपये किराए में आकांक्षा की मां ने लिया था मकान
शहर कोतवाली क्षेत्र के कुशवाहा नगर की रहने वाले रामचंद्र गुप्ता व उनकी पत्नी किरन गुप्ता ने बताया कि उनके दो मकान हैं। एक मकान कुशवाहा नगर में खाली है। इसमें ऊपर की मंजिल आकांक्षा की मां सरोजा देवी ने 11 दिसंबर 2023 को पांच हजार रुपये किराए में लिया था। उन्होंने मकान मालिक से बताया था कि उनके बेटी और दामाद यहां रहेंगे। चूंकि दोनों छात्र-छात्राएं थे। इसलिए उन्होंने किराए में मकान दिया था। जब भी दोनों जाते तो चाबी उनको दे जाते थे। बुधवार को दोपहर रोहन उनसे मकान की चाबी लेने आया था।


सास ने जुलाई में दिए थे 60 हजार रुपये
पीलीभीत जिले के छतरी चौराहा निवासी सरोजा देवी ने बताया कि पति संजीव गंगवार बेसिक शिक्षा विभाग में पीलीभीत में शिक्षक हैं। आकांक्षा इकलौती बेटी है। बताया कि जुलाई में उन्होंने रोहन को 60 हजार रुपये दिए थे। समय-समय पर बेटी दामाद का हालचाल लेती रहती थीं। आकांक्षा भी नीट की तैयारी कर रही थी। उन्हें कोर्ट मैरिज से एतराज नहीं था। वह रोहन को दामाद के रूप में स्वीकार कर चुके थे।

वर्जन....

रोहन के शव को उनके परिजनों को सौंप दिया है। वह शव लेकर चले गए हैं। जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर जो भी तथ्य सामने आएंगे उस पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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लक्ष्मी निवास मिश्र, अपर पुलिस अधीक्षक, बांदा।
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