बांदा। तीन नए कानूनों को लेकर बांदा बार संघ का विरोध प्रदर्शन रंग लाने लगा है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने इसे गंभीरता से लेते हुए देश भर के जिला अधिवक्ता संघ अध्यक्ष व सचिवों से छह जुलाई तक आपत्तियां मांगी है।
पहली जुलाई से देशभर में लागू तीन नए कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं भारतीय साक्ष्य संहिता में विसंगतियों को लेकर बांदा बार संघ पिछले एक पखवारे से आंदोलित है। बांदा से शुरू आंदोलन की आग पूरे देश में फैली और कई राज्यों में अधिवक्ता संघ हड़ताल पर आ गए। विपक्षी पार्टियों के कई प्रमुखों ने भी नए कानूनों का विरोध किया। यहां तक कि संसद में भी यह मामला गर्माया। बांदा बार संघ के विरोध का संज्ञान लेते हुए बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने छह जुलाई को देश भर के जिला अधिवक्ता संघ अध्यक्ष व महामंत्रियों से नए कानूनों पर विसंगतियां मांगी है।
बार काउंसिल ऑफ इंडिया के पत्र का हवाला देते हुए यहां बार कौंसिल ऑफ यूपी के अध्यक्ष शिव किशोर गौड़ ने जिला अधिवक्ता संघ अध्यक्ष व मंत्रियों को इस बाबत पत्र भेजा है, जिससे बार कौसिंल ऑफ इंडिया नए कानूनों में व्याप्त विसंगतियों पर विचार कर कोई आगे का निर्णय ले सके।
उधर, बांदा बार संघ अध्यक्ष अशोक दीक्षित ने बताया कि छह जुलाई को बुंदेलखंड भर के बार संघ अध्यक्ष स्वयं बार कौसिंल ऑफ इंडिया पहुंचकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराएंगे। साथ ही बार कौसिंल ऑफ इंडिया से यह भी मांग करेंगे कि विसंगतियों के समाधान के लिए जल्द कोई ठोस निर्णय लिया जा सके।