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बांदा : केन का जलस्तर बढ़ा, 10 गांवों का मुख्यालय से संपर्क कटा, बच्चे जान जोखिम में डालकर नाव से जा रहे स्कूल, प्रशासन नहीं कर रहा कोई मदद, ग्रामीण हो रहे परेशान

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बांदा/खप्टिहा कलां। केन नदी के जलस्तर में पांच दिन से हो रही बढ़ोत्तरी से खप्टिहा कलां इलाके के 10 गांवों की 13 हजार की आबादी का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है। इन गांवों के करीब 550 से 600 बच्चे रोज जान जोखिम में डालकर नाव से स्कूल जाते हैं।
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केंद्रीय जल अयोग के अनुसार, मध्य प्रदेश के बाद बुंदेलखंड में जोरदार बारिश से यमुना नदी का जलस्तर 91.15 मीटर तक पहुंच गया है। यह 24 घंटे में 120 सेमी की रफ्तार से बढ़ रहा है। वहीं, केन नदी का जलस्तर 95.58 मीटर है। अभी केन खतरे के निशान से करीब आठ मीटर नीचे है। हालांकि इसका भी जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। 30 जुलाई तक बारिश की संभावनाओं के चलते दोनों नदियों का जलस्तर और बढ़ने के आसार हैं।
प्रशासन सुध लेने के लिए तैयार नहीं
केन नदी का पानी यमुना में जाता है, इससे यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में तटीय इलाकों में बाढ़ की आशंका है। केन में पानी बढ़ने से ग्रामीणों के आवागमन के साथ ही जनजीवन भी प्रभावित होने लगा है। केन का जलस्तर बढ़ने से चार दिन से इन गांवों के लोग परेशान हैं, लेकिन तहसील प्रशासन सुध लेने को तैयार नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि अब खाने पीने की भी दिक्कत आने लगी है।
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इन गांवों का कटा संपर्क
बरेहटा, छनिहा डेरा, सेंगरा डेरा, शिवपाल डेरा, दिप्पा डेरा, कुटी डेरा, गढ़ा (हमीरपुर), शिवरायपुर, हुब्बा डेरा, पंडितन खेड़ा के 13 हजार से अधिक आबादी का संपर्क मुख्यालय से कटा है। वहीं, छोटू निषाद, सुनील कुमार ने बताया कि नाव की कोई व्यवस्था प्रशासन ने नहीं की है। अब तो जरूरत के सामानों की भी दिक्कत आने लगी है।
वर्जन-
पुल के निर्माण के लिए उच्चाधिकारियों से बात की जाएगी। केन नदी में पुल नहीं होने से यह समस्या बनी हुई है। जलस्तर बढ़ रहा है, इसके लिए व्यापक प्रबंध किए जा रहे हैं। वहीं, स्कूली बच्चों को स्कूल भेजने के लिए जल्द कोई व्यवस्था की जाएगी। - लाल सिंह यादव, एसडीएम, पैलानी
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