बांदा/ कमासिन। खटान और अमलीकौर पेयजल परियोजनाओं से 10 लाख 88 हजार 835 से अधिक ग्रामीण आबादी को पाइप लाइन के जरिए पेयजल मिलेगा। 2 लाख 17 हजार 767 घरों तक नल कनेक्शन दिए जा रहे हैं। खटान परियोजना का काम पूरा बताया गया है। अमली कौर परियोजना 90 फीसदी तैयार हो गई है।
गुरुवार को प्रमुख सचिव नमामि गंगे और ग्रामीण जलापूर्ति विभाग अनुराग श्रीवास्तव और जल निगम के प्रबंध निदेशक डॉ. बलकार सिंह ने परियोजनाओं का निरीक्षण किया। शेष काम शीघ्र पूरा कर दिसंबर से गांवों में जलापूर्ति शुरू करने को कहा। बताया गया कि 38 हजार 996 से अधिक परिवारों को नल कनेक्शन दिए जा चुके हैं। खटान परियोजना में इंटैक वेल और डब्ल्यूटीपी की क्षमता 158 एमएलडी है। 26 एमएलडी और 300 हार्स पॉवर के आठ पम्प लगाए गए हैं। 1600 केवीए का जनरेटर लगा है। यहां 374 गांव के 14539 परिवारों तक जलापूर्ति शुरू करा दी गई है।
खटान योजना से कमासिन, बिसंडा, नरैनी , महुआ और अमली कौर परियोजना से तिंदवारी, बबेरू, बडोखर खुर्द महुआ में हर घर तक नल कनेक्शन दिए जा रहे हैं। प्रत्येक परिवार को अधिकतर 55 लीटर शुद्ध पेयजल दिया जाएगा। इसी तरह अमलीकौर पेयजल परियोजना में नलकूप से 26 गांवों के 10077 से अधिक परिवारों को नल से पानी की आपूर्ति शुरू कर दी गई है। सर्फेस वॉटर से 217 गांव के 14481 परिवारों को पानी पहुंच रहा है।
ये है योजना की स्थिति
अमलीकौर और खटान पेयजल योजनाओं में अभी तक 2244 किमी से अधिक पाइप लाइन बिछा दी गई है। अमलीकौर परियोजना में 1808 किमी और खटान परियोजना से 2914.5 किमी डिस्ट्रीब्यूशन पाइप लाइन बिछाई जानी है। योजना के तहत एक-एक डब्ल्यूटीपी, इंटेकवेल, ट्रीटमेंट प्लांट, 39 सीडब्ल्यूआर, 116 ओवरहैड टैंक निर्मित किये जा रहे हैं। अमली कौर परियोजना में एक एक डब्ल्यूटीपी, इंटेक वेल, ट्रीटमेंट प्लांट और 13 सीडब्ल्यूआर व 80 ओवरहैड टैंक बनाए जा रहे हैं।