बांदा। मटौंध स्थित रेलवे क्रासिंग पर बने अंडरपास में पानी भरने से आक्रोशित ग्रामीणों ने रेल ट्रैक पर प्रदर्शन किया। सूचना पर रेल अधिकारी, आरपीएफ, मटौंध थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझा कर रेल ट्रैक से हटाया। इससे करीब 26 मिनट झांसी-प्रयागराज पैसेंजर ट्रेन होम सिग्नल पर खड़ी रही। अधिकारियों के निर्देश पर तत्काल तीन पंप लगाकर पानी निकलवाया गया।
मटौध रेलवे स्टेशन के पास गेट नंबर 447 में 2019 में अंडरपास का निर्माण कराया गया था, लेकिन जलनिकासी की व्यवस्था न होने से बारिश का पानी भर जाता है। इससे कस्बा सहित आधा दर्जन गांवों का आवागमन ठप हो जाता है। हालांकि रेलवे ने ब्रिज का पानी निकालने के लिए वहां पर एक पंप लगा रखा है, लेकिन पंप खराब होने से बारिश का पानी अंडरपास दो से तीन फुट तक भरा है। इससे नाराज ग्रामीणों ने बुधवार को रेलवे ट्रैक पर प्रदर्शन किया।
सूचना पर रेलवे के मंडलीय खंड अभियंता (कार्य) हरीशंकर, अधिशासी अभियंता शिव सिंह, आरपीएफ उप निरीक्षक अतुल कुमार, मटौध थाना प्रभारी अर्जुन सिंह मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाकर ट्रैक खाली कराया।
ग्रामीण आरके अनुरागी ने बताया कि जखौरा गांव में एक बच्ची की तबीयत खराब होने पर एंबुलेस को बुलाया गया, जो अंडरपास में पानी होने से लौट गई। किसी तरह बच्ची को चारपाई पर लिटाकर बांदा लाए। मंडलीय खंड अभियंता के निर्देश पर तत्काल अंडरपास का पानी निकालने के लिए तीन पंप लगाए गए। ग्रामीणों के प्रदर्शन के कारण झांसी-प्रयागराज पैसेंजर ट्रेन करीब 26 मिनट तक होम सिग्नल में खड़ी रही। प्रदर्शनकारियों के ट्रैक से हटने के बाद उसे रवाना किया गया।