फोटो 19 बीएनडीपी 11- जिला अस्पताल में दवा काउंटर में लगी मरीजों की भीड़। संवाद
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बांदा। सर्दी का सितम शुरू हो गया है। बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। जिला अस्पताल में सर्दी से सीने में हुए दर्द के बाद दो बुजुर्गों की मौत हो गई। बुखार और कोल्ड डायरिया के छह मरीजों को भर्ती कराया गया है।
बिसंडा थाना क्षेत्र के कोल्हवां पुरवा निवासी राधेश्याम (68) को सोमवार सुबह सीने के दर्द के चलते जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां उनकी मौत हो गई। इसी तरह देहात कोतवाली के चहितारा गांव निवासी पतनुआ (70) की भी जिला अस्पताल में सीने में दर्द के बाद मौत हो गई।
उधर, सोमवार को लक्ष्मी (24) पत्नी विनोद निवासी गंछा, दिव्या (4 माह) पुत्री विमल निवासी पड़ुई, अभिषेक (28) नवासी क्योटरा, अहमदी (65) पत्नी पप्पू निवासी खुटला, सुरेंद्र (35) निवासी अमारा को बुखार और कोल्ड डायरिया के चलते भर्ती कराया गया है।
ईएमओ डॉ. विनीत सचान का कहना है कि सर्दी में जरा सी लापरवाही जानलेवा हो सकती है। बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान देना चाहिए। गर्म पानी से ही स्नान करें। सुबह गुनगुना पानी पीयें।
शरीर को कपड़ों से ढककर रखें। विशेषतर कान और पैर के तलुवों को ढककर रखें। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरके गुप्ता का कहना है कि बच्चों में ज्यादातर मरीज निमोनिया और कोल्ड डायरिया से ग्रसित होकर आ रहे हैं। बच्चों को विशेष देखभाल की जरूरत है।