फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बांदा : तबीयत बिगड़ने से डेढ़ घंटे में दो चचेरे भाइयों की मौत, शनिवार सुबह पेट दर्द शुरू हुआ, फिर गले में तकलीफ हुई और चली गई आवाज

विज्ञापन
ृतकों के बाहर बैठे शोकग्रस्त परिजन। - फोटो : BANDA
विज्ञापन
बांदा। जिला मुख्यालय से पांच किलोमीटर दूर चकचटगन गांव में शनिवार रात दो चचेरे भाइयों की तबीयत बिगड़ने से डेढ़ घंटे के अंतराल में मौत हो गई। सीएमओ एके श्रीवास्तव ने स्वास्थ्य टीम के साथ जांच पड़ताल की। दोनों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
विज्ञापन

गांव निवासी भाई दशरथ और काशीराम खेतीबाड़ी करते हैं। दशरथ का बेटा नीरज (15) और काशीराम का बेटा चंद्रबली (26) शुक्रवार की रात गांव में सजी झांकी देखकर घर लौटे थे। खाना खाकर सो गए। शनिवार सुबह दोनों के पेट में दर्द शुरू हुआ। थोड़ी ही देर में उनके गले में तकलीफ हो गई। दोपहर तक उनकी आवाज निकलना बंद हो गई। चंद्रबली और नीरज के परिवारीजन अस्पताल में इलाज कराने के बजाय झाड़फूंक कराते रहे। पहले गांव में, फिर हमीरपुर के मौदहा कस्बे में झाड़फूंक कराई। दिन भर आराम नहीं मिला।
शनिवार रात को अस्पताल ले जाने की तैयारी थी। इसी बीच रात करीब 8:30 बजे नीरज ने घर में दम तोड़ा। रात करीब 10 बजे चंद्रबली की भी मौत हो गई। दोनों अविवाहित थे। चंद्रबली मजदूरी करता था। चार भाइयों में दूसरे नंबर का था। नीरज सातवीं कक्षा का छात्र था। दो भाइयों में बड़ा था।
विज्ञापन

कोई बीमारी नहीं मिली, कैंप लगाकर जांच कराएंगे
मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि दोनों की मौत का कारण जानने के लिए परिजनों से उनका ब्योरा लिया गया। अभी किसी में कोई बीमारी नहीं मिली है। न ही पेट दर्द का कारण स्पष्ट हुआ है। इसलिए किसी का सैंपल नहीं लिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की सही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। गांव में कैंप लगाकर जांच कराएंगे।
सिर्फ पेट दर्द से नहीं हो सकती मौत
रानी दुर्गावती मेडिकल कालेज के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. शैलेंद्र कुमार यादव का कहना है कि सिर्फ पेट दर्द से थोड़ी ही देर में दो भाइयों की मौत नहीं हो सकती। जहरीला पदार्थ या जहरीला कीड़ा काटने पर पेट दर्द होता है। गले में भी दिक्कत आ जाती है। आशंका है कि किसी जहरीले कीड़े ने काट लिया होगा। दोनों भाई इस बारे में समझ नहीं सके। पोस्टमार्टम के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी।
तीन बच्चों के बाद दो भाइयों की मौत ने उड़ाई नींद
सदर तहसील के त्रिवेणी गांव में तीन बच्चों की मौत की आंच अभी ठंडी नहीं पड़ी थी कि चक चटगन गांव में दो चचेरे भाइयों की मौत ने अफसरों की नींद उड़ा दी है। चंद्रबली और नीरज की मौत की सूचना पर स्वास्थ्य, प्रशासनिक और राजस्व विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसडीएम सुरभि शर्मा ने लेखपाल और ग्राम प्रधान से घटना की जानकारी ली। हाल ही में त्रिवेणी गांव में अंशु, अंश और उमंग की डिप्थीरिया रोग से मौत हो गई थी। इस गांव के कई बच्चे अभी भी बीमार हैं। स्वास्थ्य विभाग यहां सात दिन से कैंप लगाए है। अब चकचटगन गांव की दौड़ शुरू हो गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें