बांदा। जिले में डेंगू की रफ्तार बढ़ती जा रही है। बुधवार को तीन और डेंगू के मरीज सामने आए हैं। उन्हें ट्रॉमा सेंटर में भर्ती किया गया है। जिले में अब डेंगू मरीजों की संख्या बढ़कर 30 पहुंच गई। कुल 15 मरीज जिला अस्पताल और रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में भर्ती हैं। 15 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं।
जिला अस्पताल की पैथालॉजी में बुधवार को 11 डेंगू संदिग्ध मरीजों के खून के नमूने जांचे गए। इनमें तीन पॉजिटिव पाए गए हैं। सभी शहर के निवासी हैं। सीएमएस डॉ. एसएन मिश्र ने इसकी पुष्टि की। वहीं जिला अस्पताल के डेंगू वार्ड और ट्रामा सेंटर में कुल सात डेंगू मरीज भर्ती हैं। रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में आठ मरीजों का इलाज चल रहा है। फिलहाल सभी मरीजों की सेहत में सुधार होना बताया गया है।
गौरतलब है कि एक सप्ताह में मच्छरजनित डेंगू रोग का प्रकोप बढ़ा है। पांच दिन में 12 और अब तक कुल 30 डेंगू से ग्रसित मरीज मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक दीपावली के पूर्व मात्र आठ डेंगू केस थे। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े बताते हैं कि शहर से लेकर गांवों तक डेंगू तेजी से पांव पसार रहा है।
जिला मलेरिया अधिकारी पूजा अहिरवार ने बताया कि डेंगू संभावित मरीज मिलने के बाद टीम मौके पर जाकर लार्वा निरोधक दवा का छिड़काव कर रही है। डेंगू पॉजिटिव मिलने पर मरीज के आसपास करीब 50 घरों में रहने वालों की निगरानी की जाती है। बीमार मिलने पर उनकी जांच कराई जा रही है। लोगों को डेंगू से बचाव के लिए एहतियाती उपाय बताए जा रहे हैं।
डेंगू से बचाव के उपाय
मच्छरदानी का इस्तेमाल करें। घर और आसपास स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। गंदगी न होने दें। टूटे बर्तन, एसी, फ्रीज, कूलर में इकट्ठा पानी फेंक दें। पानी की टंकी, फूलदान व किसी स्थान पर पानी जमा न होने दें।
रैपिड रिस्पांस टीमें लगाई गईं
बांदा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.एके श्रीवास्तव ने बताया कि जिला अस्पताल में 10 और सीएचसी-पीएचसी में 5-5 बेड डेंगू मरीजों के लिए आरक्षित किए गए हैं। शहरी क्षेत्र में चार और प्रत्येक ब्लाक में एक-एक रैपिड रिस्पांस टीम लगाई गई है। स्वास्थ्य कर्मियों को सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. मुकेश कुमार यादव ने बताया कि मेडिकल कालेज में दवाओं और बेड की कोई कमी नहीं है। लक्षण वाले मरीजों की किट से जांच की जा रही है।