बांदा। बारिश हो नहीं रही। नहरों में पानी नहीं है। नलकूप खराब पड़े हैं। सिंचाई के तीनों प्रमुख साधन किसानों का साथ छोड़ रहे हैं। यहां पानी की कमी से खेतों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गईं हैं। थोड़ा बहुत पानी खेतों के लिए बेमतलब साबित हो रहा है। ऐसे में डेढ़ लाख हेक्टेयर से अधिक सिंचित जमीन सूखी पड़ी है। धान की बेड़ पीली पड़ गईं हैं।
जून और जुलाई में बारिश न होने से बुंदेलखंड के सभी जलाशयों में पानी स्टोर नहीं हो सका। वे डेड स्टोर की श्रेणी में पहुंच चुके हैं। बांधों में पानी की कमी होने से सिंचाई विभाग ने नहरों के जरिये पानी देने से हाथ खड़े कर दिए हैं। इसके साथ ही मंडल के 50 से अधिक नलकूप खराब पड़े हैं। ऐसे में किसानों को धान की रोपाई व दलहन, तिलहन की बुआई तक के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है। हालात ऐसे हो गए हैं कि पानी की कमी से खेतों में दरारें पड़ गई हैं। प्राइवेट नलकूप भी सफल नहीं हो रहे हैं। बिजली व डीजल की खपत अधिक होने से लागत भी निकालना मुश्किल है।
खरीफ की करीब 4.15 लाख हेक्टेयर में बुआई
चित्रकूटधाम मंडल में खरीफ की करीब 4.15 लाख हेक्टेयर में बुआई होती है। जिसमें एक लाख हेक्टेयर में नहरों व 60 हजार हेक्टेयर में सरकारी नलकूपों के जरिये खेतों की सिंचाई की जाती है। शेष क्षेत्रफल प्राकृतिक बारिश पर निर्भर है।
मंडल में खराब नलकूप
जनपद नलकूप खराब
बांदा 645 21
चित्रकूट 20 00
हमीरपुर 559 30
योग- 1224 51
मंडल के बांधों में पानी की स्थिति (मिलियन घन मीटर में)
जलाशय क्षमता उपलब्धता
गंगऊ वियर (छतरपुर) 56.46 28.64
रनगंवा (बांध) 155.18 1.27
बरियारपुर (बांध) 12.60 5.26
ओहन बांध (चित्रकूट) 37.75 1.14
बरूआ बांध (चित्रकूट) 23.26 0.53
गुंता बांध (चित्रकूट) 24.50 4.45
रसिन बांध (चित्रकूट) 13.63 2.32
अर्जुन बांध (महोबा) 58.45 15.14
चंद्रायल (महोबा) 30.86 13.33
कबरई बांध (महोबा) 29.73 21.05
मझगवां बांध (महोबा) 25.92 00
उर्मिल बांध (महोबा) 113.50 00
मौदहा बांध (हमीरपुर) 179.00 47.60
वर्जन-
मंडल में बारिश कम होने से सूखे के हालात नजर आ रहे हैं। प्रशासन ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। 30 जुलाई तक सर्वे कराकर रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी। -दिनेश कुमार सिंह, मंडलायुक्त, चित्रकूटधाम मंडल, बांदा