बांदा। केपी शास्त्री इंटर कॉलेज, बदौसा में 13 शिक्षकों की भर्तियों को अवैध बताकर शिक्षक की ओर से की गई शिकायत का शासन ने संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने संयुक्त शिक्षा निदेशक को भेजे पत्र में डीआईओएस सहित दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
वर्ष 1995 में कॉलेज में प्रबंध समिति ने बिना पद के 13 शिक्षकों की भर्तियां कर लीं थी, जबकि यहां 11 पद ही हैं। कुछ शिक्षकों ने इसे फर्जी बताकर जांच व कार्रवाई की मांग की। इस पर तत्कालीन डीएम और डीआईओएस ने जांच के बाद इन भर्तियों को अवैध माना और निरस्त कर दिया था। सभी शिक्षक उच्च न्यायालय की शरण में चले गए थे। हाईकोर्ट ने भर्तियां निरस्त करने के आदेश को सही नहीं माना और नियोक्ता को निर्णय लेने के आदेश दिए।
न्यायालय के आदेश के बाद सभी शिक्षकों को रख लिया गया था। उन्हें वेतन, भत्ता व पेंशन आदि दिया जाने लगा, लेकिन एक शिक्षक गणेश प्रसाद द्विवेदी की नियुक्ति को अवैध बताकर डीआईओएस ने कार्यभार ग्रहण नहीं कराया। द्विवेदी का आरोप है कि 25 साल से विभाग उन्हें चक्कर लगवा रहा है।
मजबूरन शासन में शिकायत दर्ज करानी पड़ी। नतीजे में शिक्षक ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से फर्जी भर्ती का आरोप लगाते हुए शिकायत कर दी। मुख्यमंत्री कार्यालय ने 10 नवंबर को भेजे पत्र में संयुक्त शिक्षा निदेशक को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
उधर, डीआईओएस विनोद कुमार सिंह का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश पर शिक्षकों को वेतन दिया जा रहा है। शिकायतकर्ता शिक्षक के वेतन को लेकर कोर्ट से कोई आदेश नहीं मिला है। इसलिए उन्हें वेतन नहीं दिया जा रहा। कार्रवाई संबंधी पत्र से उन्होंने अनभिज्ञता जताई है।