बांदा। कोतवाली देहात क्षेत्र के जारी गांव में ढही कच्ची दीवार के मलबे में दबकर जान गंवाने वाला चार वर्षीय राज इकलौता था। उसकी मौत से मां बेसुध है। 12 वर्षीय महक एक माह से नानी के साथ रह रही थी। घटना के वक्त दोनों खेल रहे थे। तभी हादसा हो गया। उधर, बच्चों की मौत पर परिजनों के बिलखने से ग्रामीणों की आंखें भी छलक उठीं।
गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद जब एक साथ दोनों शव जारी गांव पहुंचे तो माता-पिता की चीत्कार से रिश्तेदारों के अलावा ग्रामीणों की भी आंखें नम हो गईं। पिता बलवीर ने बताया कि इकलौते पुत्र राज की मौत से पत्नी रेखा का बुरा हाल है। दूसरे दिन भी वह उसे याद करके बार-बार बेहोश हो जा रही है। रिश्तेदार महिलाएं उसे संभाल रही हैं।
बताया कि करबई (महोबा) गांव निवासी चरन सिंह की पुत्री महक एक माह पूर्व अपनी वृद्ध नानी रामबाई की देखरेख के लिए घर आई थी। राज व महक सहित घायल संजना (9) पुत्री गोविंद निवासी करहिया (हमीरपुर) एक साथ खेल रहे थे। तभी रामबाई की कच्ची दीवार ढह गई और तीनों बच्चे दब गए।
ग्रामीणों ने बच्चों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक राज व महक की मौत हो चुकी थी। घटना के वक्त वह (बलवीर) व महक की मां पुनिया समेत घर के अन्य सदस्य बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे में मजदूरी करने गए थे।