बांदा। शहर की सभी प्रमुख सड़कें और चौराहे अवैध होर्डिंग और बैनर से पटे हैं। शहर की ऐसी कोई सड़क, तिराहा और चौराहा नहीं है, जहां अवैध होर्डिंग्स न लगे हो। इसका कारण नए गजट में करीब 10 गुना दर बढ़ने से ठेका न होना भी है। इस कारण मनमर्जी से लोग होर्डिंग्स लगवा रहे हैं। इनमें ठेकेदार भी शामिल हैं। नगर पालिका परिषद ने कार्रवाई के नाम पर सिर्फ नोटिस देकर चुप्पी साध ली है।
शहर में करीब 22 स्थान होर्डिंग्स लगाने के लिए निर्धारित हैं। इसके बावजूद शहर में जगह-जगह अवैध होर्डिंग्स और पोस्टर लगाए जा रहे हैं। आलम यह है कि बिजली के खंभे तक में होर्डिंग्स लगे हैं। कई भवनों और इमारतों पर भी होर्डिंग्स लगा दी गई हैं। सबसे ज्यादा राजनीतिक पार्टियों की होर्डिंग्स लगी हैं।
नियमों के मुताबिक निर्धारित स्थान के अलावा होर्डिंग्स व पोस्टर लगाना गैरकानूनी है। इसके बाद भी नगर पालिका प्रशासन अवैध होर्डिंग्स हटवाने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है। नगर पालिका प्रशासन का दावा है कि कई बार हटवाने की कवायद की, लेकिन समस्या जस की तस बनी है। बताया गया है कि नए गजट में बढ़ी दर को लेकर कुछेक ठेकेदार न्यायालय की शरण में चले गए हैं।
शहर के रेलवे स्टेशन, रोडवेज, जिला अस्पताल चौराहा, अशोक लाट, महाराणा प्रताप चौक, महेश्वरी देवी चौराहा, चौक बाजार, पद्माकर चौराहा, डिग्गी चौराहा, डीएम कालोनी, सिविल लाइन, कालूकुआं, अलीगंज, अतर्रा चुंगी तिराहा, झंडा चौराहा, किरन कालेज, पुलिस लाइन, चमरौडी, छावनी, नए और पुराने ओवरब्रिज आदि।
पिछले वर्ष गजट में निर्धारित दरें (प्रति माह)
1. होर्डिंग्स, वाल पेंटिंग, क्योस्क बोर्ड, सनपैक होर्डिंग्स : 10 रुपये प्रति वर्ग फीट।
2. ग्लोसाइन बोर्ड : 20 रुपये प्रति वर्ग फीट
3. यूनिपोल : 30 रुपये वर्ग फीट।
4. एलईडी : 100 रुपये प्रति वर्ग फीट।
इनसेट..
ठेका लिया नहीं, पुराने दर से खाते में जमा किया पैसा
नगर पालिका में पटल देख रहे नवल कुमार ने बताया कि नए गजट में दर संशोधन के बाद किसी ने होर्डिंग्स आदि का ठेका नहीं लिया है। फिलहाल शहर में लगे होर्डिंग्स और पोस्टर अवैध हैं। पांच ठेकेदारों ने पूर्व निर्धारित दर से नगर पालिका परिषद के खाते में रुपये जमा किए हैं, जबकि छह से 10 लाख रुपये तक जमा करना है। इन सभी को नई दर से भुगतान का नोटिस भेजा है। हाईकोर्ट में भी केस चल रहा है।