बांदा। बांदा जेल में माफिया मुख्तार अंसारी बंद है। इसके कारण कोई भी अधीक्षक यहां आने के लिए तैयार नहीं है। जून आखिरी में लखीमपुर खीरी से जेल अधीक्षक पवन प्रताप सिंह को बांदा भेजा था, लेकिन वह भी ज्वाइन करने नहीं आए। अब उन्हें बाराबंकी का जेल अधीक्षक बना दिया गया है। यह तीसरा मौका है, जब किसी जेल अधीक्षक ने बांदा आने से हाथ खड़े कर दिए हैं। यही वजह है कि 17 अक्तूबर 2021 से मुख्तार की जेल प्रभारी अधीक्षक के भरोसे चल रही है।
पिछले साल पंजाब की रोपड़ जेल से पूर्व विधायक व माफिया मुख्तार के आने के बाद से बांदा मंडल कारागार हाई सिक्योरिटी जेलों में शुमार हो गई है। 16 मई 2021 को उन्नाव से जेल अधीक्षक एके सिंह का बांदा ट्रांसफर हुआ। वह 17 अक्तूबर को मेडिकल लीव पर चले गए, फिर लौटकर नहीं आए। इसके बाद 12 नवंबर 2021 को बरेली से विजय विक्रम सिंह को बांदा ट्रांसफर किया गया। विजय विक्रम एक दिन के लिए भी नहीं आए। इसके चलते 29 नवंबर को उन्हें सस्पेंड कर दिया गया। तब से प्रभारी जेल अधीक्षक के रूप में जेलर वीरेंद्र वर्मा जेल का काम देख रहे हैं।
डीएम और एसपी की रिपोर्ट पर गिरी गाज
जून माह में जिला प्रशासन ने मंडल जेल कारागार में छापेमारी की थी। इस दौरान मुख्तार की आवभगत में कर्मचारी लगे मिले। डीएम अनुराग पटेल और एसपी अभिनंदन की संयुक्त जांच रिपोर्ट पर डिप्टी जेलर वीरेश्वर प्रताप सिंह और चार बंदी रक्षक निलंबित किए गए थे। इसके बाद जेल की सुरक्षा बढ़ा दी गई।
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इस वजह से नहीं आते अधीक्षक
- बागपत में नौ जुलाई 2018 को मुख्तार के करीबी मुन्ना बजरंगी की गैंगवार में हत्या हो गई थी।
- 14 मई 2021 को चित्रकूट जेल में वसीम काला व मेराजुद्दीन की गैंगवार में हत्या कर दी गई।
वर्जन
बांदा मंडल में स्थायी जेल अधीक्षक की नियुक्ति के लिए शासन को लिखा गया है। इससे पहले पवन प्रताप सिंह को बांदा जेल अधीक्षक बनाया गया था, लेकिन अब उनको बाराबंकी भेज दिया गया है। जेल अधीक्षक की जल्द तैनाती के प्रयास किए जा रहे हैं।
- संजीव कुमार त्रिपाठी, डीआईजी जेल