बबेरू एसडीएम को ज्ञापन सौंपते अधिवक्ता।
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बांदा/बबेरू। सुप्रीम कोर्ट ने अधिवक्ता को कोर्ट आफीसर का दर्जा दिया है, लेकिन न्यायालय के कर्मियों की तरह कुछ नहीं मिलता। बीमार हो जाने पर इलाज के लिए खर्च की व्यवस्था नहीं है। प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन में जिला अधिवक्ता संघ ने ये बातें कही हैं। साथ ही एडवोकेट्स एक्ट में संशोधन की मांग भी की।
गुरुवार को अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य नहीं किया। संघ अध्यक्ष बृजमोहन सिंह गौर और महासचिव राकेश कुमार सिंह के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने कलक्ट्रेट पहुंचकर डीएम को नौ सूत्री ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा है कि विधि व्यवसाय के दौरान कम से कम 10 वर्ष तक अधिवक्ता को पांच हजार रुपये मानदेय मिलना चाहिए। कृषक सम्मान निधि व आयुष्मान योजना का लाभ मिले।
प्रत्येक अधिवक्ता को वर्ष में कम से कम 20 मुकदमे आवंटित करने का अधिकार हो। लोक अभियोजकों का मानदेय तीन हजार रुपये प्रतिदिन मिले। चेतावनी दी कि एक माह में मांगें पूरी नहीं हुईं तो देश व्यापी आंदोलन में यहां के अधिवक्ता भी शामिल होंगे। ज्ञापन देने में बड़ी संख्या में अधिवक्ता शामिल रहे।
बबेरू में बार एसोसिएशन अध्यक्ष रामशरन प्रजापति व महासचिव रामचंद्र यादव की अगुवाई में प्रधानमंत्री व विधि मंत्रालय को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा गया। इसमें भी उपरोक्त मांगें शामिल रहीं। मैकूलाल प्रजापति, विष्णु प्रताप, गणेशचंद्र, राम प्रताप वर्मा, शिवपूजन वर्मा, रामखेलावन, रमाकांत द्विवेदी, रविकरण सिंह, राजेश कुमार, दिनेश सिंह, हेमराज सिंह, सहराज यादव, देवनारायण पटेल आदि अधिवक्ता उपस्थित रहे।