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बांदा : आयुष चिकित्सक, स्टाफ नर्स व वार्ड आया का वेतन रोका

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अतर्रा। सीएचसी में हुए दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई हुई है। एक मामले में आयुष चिकित्सक सहित स्टाफ नर्स व वार्ड आया का वेतन रोकने व स्पष्टीकरण मांगने की कार्रवाई हुई है। वहीं दूसरे मामले में डिप्टी सीएम ने ट्वीट कर कार्रवाई के लिए कहा है।
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सीएचसी में 15 सितंबर को राजा तालाब मोहल्ला निवासी प्रसूता छोटी को उसके परिजन सीएचसी ले गए थे। यहां ड्यूटी में तैनात स्टाफ नर्स ने प्रसव के नाम पर एक हजार रुपये की मांग की थी। न देने पर जिला अस्पताल रेफर का पर्चा थमा दिया था। कुछ देर बाद छोटी ने सड़क पर बारिश के बीच बच्चे को जन्म दिया था।
इस खबर को अमर उजाला ने 16 सितंबर के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर छपने पर सीएमओ डॉ. अनिल श्रीवास्तव ने सीएचसी अधीक्षक को तलब किया था। जांच के बाद सीएचसी प्रभारी अधीक्षक ने आयुष चिकित्सक डॉ. शिल्पा गुप्ता, स्टाफ नर्स शोभा, वार्ड आया आशा मिश्रा का सितंबर माह का वेतन रोक दिया है। साथ ही तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण भी मांगा है।
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वहीं, 14 सितंबर को नगर पालिका के पास की रहने वाली अनीता अपनी छह माह की उल्टी दस्त से पीड़ित अबोध बच्ची आराधना को लेकर सीएचसी गई थी। यहां इमरजेंसी ड्यूटी में तैनात डॉक्टर ने बिना देखे ही जिला अस्पताल का पर्चा थमा दिया।
कुछ देर बाद मासूम आराधना की मौत हो गई थी। इसमें अमर उजाला ने 15 सितंबर व 16 सितंबर के अंकों में खबरें प्रकाशित की थी। इस पर स्वास्थ्य मंत्री व उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने सीएमओ को तलब कर दो दिन के भीतर रिपोर्ट प्रेषित करने के निर्देश दिए थे। स्वास्थ्य मंत्री के कड़े रुख की वजह से शनिवार को एसीएमओ डॉ. आरएन प्रसाद, डॉ. अनिल सिंहा, डिप्टी सीएमओ डॉ. पीएन यादव ने सीएचसी पहुंचकर बंद कमरे पर प्रभारी अधीक्षक डॉ. अजय विश्वकर्मा के बयान दर्ज किए थे।
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