उन्होंने बेटे की पढ़ाई को जारी रखने के लिए यह पैसा घर भेजा है। इसी प्रकार हत्या के जुर्म में बंद गोरेलाल ने घर में बूढ़े और बीमार माता पिता के इलाज व दवा के लिए 44,858 रुपये कमाए हैं।
कैदी को दी जाने वाली मजदूरी
जेल में मजदूरी करने वाले कुशल मजदूर को 40 रुपये व अकुशल को 30 और अकुशल महिला को 25 रुपये रोजाना की मजदूरी दी जाती है। यह मजदूरी बंदी को रिहाई के समय नकद व चेक से दी जाती है। कैदी की मांग पर यह पैसा उसके घर चेक के जरिये भेज दिया जाता है।
कैदी/बंदी भुगतान
संगीता 55,255
गोरेलाल 44,859
रामकेश 10,639
श्रीलाल 32,225
कल्ली 20,500
राजेश 22,950
अखिलेश सिंह 19,025
कालीचरन 24,200
रहीस 17,469
कल्लू उर्फ बच्चा 25,075
200 के करीब बंदी बागवानी, खाना बनाने, खेती बाड़ी आदि कार्य करते है। शासन द्वारा निर्धारत पारिश्रमिक दिया जाता है। यूं तो पारिश्रमिक बंदी को रिहाई के समय दिया जाता है, लेकिन बंदी की मांग पर पहले भी दे दिया जाता है। -वीरेंद्र कुमार, प्रभारी अधीक्षक कारागार, बांदा