बांदा। बबेरू तहसील का पून गांव डिप्थीरिया रोग की चपेट में है। यहां लगातार इस बीमारी से पीड़ित बच्चे मिल रहे हैं। रविवार को तीन और बच्चों को हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनका स्वॉब नमूना जांच के लिए लखनऊ भेजने की तैयारी है। डिप्थीरिया से पीड़ित गांव के आठ बच्चे अस्पताल में भर्ती हैं।
त्रिवेणी गांव के बाद अब पून गांव डिप्थीरिया के प्रकोप में जकड़ा है। इस गांव की 11 वर्षीय शालिनी की मौत के बाद रोज डिप्थीरिया संदिग्ध मरीज मिल रहे हैं। रविवार को दोपहर बाद श्रवण कुमार की पुत्री लवली (7), अजय पाल की पुत्री हिमांशी (7) व अमर सिंह के पुत्र शैलेश (8) को जिला अस्पताल के डिप्थीरिया वार्ड में भर्ती किया गया है। इनके गले में सूजन है और सांस लेने में तकलीफ हो रही है।
नाक, कान, गला रोग विशेषज्ञ डा.मुकेश कुमार इलाज कर रहे हैं। अब इस वार्ड में भर्ती मरीजों की संख्या आठ हो गई है। उधर, अब तक कुल पांच बच्चों की मौत हो चुकी है। इनमें चार त्रिवेणी और एक पून गांव के शामिल हैं।
जिला अस्पताल के डिप्थीरिया वार्ड में भर्ती बिसंडा कस्बा निवासी गौरव (16) की हालत गंभीर होने पर डॉक्टर ने शनिवार की रात रेफर कर दिया। परिजन उसे कानपुर ले जाने की बजाए प्राइवेट अस्पताल ले गए। पिता देव कुमार ने आरोप लगाया है कि सरकारी अस्पताल में अच्छी व्यवस्थाएं न होने से उसे प्राइवेट अस्पताल में पुत्र को लाकर भर्ती कराना पड़ा। रोष जताया कि डाक्टर एक बार के बाद दोबारा देखने नहीं आते। पुत्र के तड़पने पर डाक्टर को बुलाने गए तो उन्होंने नर्स को भेज दिया।
अपर सीएमओ डा.आरएन प्रसाद ने बताया कि पून गांव में दो टीमें लगाई गई हैं। रविवार को 33 घरों का सर्वे किया गया। इनमें 138 सदस्यों की सूची तैयार की गई है। 7 व 8 वर्षीय क्रमश: बालक-बालिका में डिप्थीरिया के लक्षण पाए गए हैं। उन्हें जिला अस्पताल भेजा गया है। यह भी बताया कि मलेरिया संभावित 32 मरीजों की स्लाइड बनाई गई है। इसके अलावा 30 बच्चों को डीपीटी व टीडी के टीके लगे।
शैलेश।- फोटो : BANDA
हिमांशी।- फोटो : BANDA