बांदा। रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज को एमबीबीएस की 100 सीटों पर दाखिले की अनुमति मिल गई है। तीन बार भ्रमण के बाद राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (नेशनल मेडिकल काउंसिल) ने वर्ष 2022-23 सत्र के लिए एमबीबीएस सीटों पर प्रवेश की मंजूरी दी है। मेडिकल कॉलेज में यह छठवां सत्र होगा। कोविड-19 के दौरान प्रवेश न होने से एक साल का सत्र पिछड़ गया था।
मेडिकल कॉलेज की शुरुआत वर्ष 2016 में हुई थी। अबकी वर्ष 2022-23 के लिए प्रवेश का सातवां सत्र है, लेकिन कोरोना काल में वर्ष 2020 में प्रवेश की अनुमति न मिलने पर एक साल सत्र पिछड़ गया था। इस कारण प्रवेश के लिए यह छठवां सत्र है। मेडिकल एसेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड (मार्ब) की संस्तुति पर एनएमसी ने मेडिकल कॉलेज में 100 सीटों पर दाखिले की अनुमति दी है। इसी माह के अंत तक काउंसिलिंग के बाद सीटों पर दाखिले शुरू हो जाएंगे।
मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. मुकेश कुमार यादव ने बताया कि नए प्रवेश के साथ यहां छात्र संख्या बढ़कर 600 हो जाएगी। अभी यहां 500 एमबीबीएस छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। अंतिम वर्ष के छात्र-छात्राएं अब 12,000 रुपये मानदेय पर इंटर्नशिप कर रहे हैं। (संवाद)
तीन बार निरीक्षण करने आई एनएमसी टीम
प्राचार्य ने बताया कि अगस्त और सितंबर में एनएमसी की तीन-तीन सदस्यीय टीम ने तीन बार आकर निरीक्षण किया, व्यवस्थाएं देखीं। ओपीडी और आईपीडी में मरीजों की संख्या परखी। वार्डों में भर्ती मरीजों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली। प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर सहित स्टाफ के बारे में पूछा। कुछ पद रिक्त होने पर प्रवेश से पूर्व भर्ती के निर्देश दिए थे। गंदगी पर असंतुष्ट दिखे। हालांकि बाद में सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली गईं। नियुक्तियों को लेकर शासन स्तर पर प्रक्रिया चल रही है।