बचाव कार्य में लगी एनडीआरएफ टीम।
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बांदा। दो दिन तक मरका कस्बे में यमुना नदी किनारे डेरा डाले एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की छह टीमों के 60 सदस्यों ने शनिवार को पाला बदल दिया। फतेहपुर की सीमा पर लापता लोगों के शव मिलने पर टीम ने वहां डेरा डाल दिया है। प्रशासन के दावों के मुताबिक टीमें अब चार लापता लोगों की खोजबीन में जुटी हैं।
यमुना में नाव पलटने की घटना के बाद बहकर लापता हो गए लोगों को दो दिन तक ढूंढ न पाने पर टीमों और अधिकारियों को खरी खोटी सुननी पड़ी थी। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री राकेश सचान, राज्यमंत्री रामकेश निषाद और केंद्रीय राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने भी खोजबीन की प्रगति पर असंतोष जताया था।
इसी के बाद खोजबीन में और तेजी आ गई थी। शनिवार को सुबह फतेहपुर सीमा पर शव मिलने पर एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें वहां पहुंच गईं। बताया गया कि अभी तक सभी टीमें करीब 12 किलोमीटर दायरे में लापता लोगों की खोजबीन में जुटी थीं। अब तीन किलोमीटर का दायरा और बढ़ा दिया है।
बांदा। सपा के राष्ट्रीय महासचिव विशंभर प्रसाद निषाद और बबेरू विधायक विशंभर सिंह की अगुवाई में सपा नेताओं का जत्था शनिवार को मरका पहुंचा। मृतकों के परिजनों से मिलकर संवेदना जताई। निवर्तमान जिलाध्यक्ष विजय करन यादव ने कहा कि घटना की पूरी जानकारी हाईकमान को दी जा रही है।
सपा के आफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट पर भी घटना से जुड़ी जानकारी पोस्ट की जा रही हैं। इसी का नतीजा है सरकार के तीन-तीन मंत्री घटनास्थल पहुंचे। इस दौरान नगर पालिका अध्यक्ष मोहन साहू, निर्भय सिंह पटेल मौजूद रहे।