बांदा। बिजली कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति का मांगों को लेकर 132 केवी उपकेंद्र चिल्ला रोड में तीसरे दिन भी धरना जारी रहा। इससे गांवों की बिजली व्यवस्था लडख़ड़ा गई है।
पैलानी, जसपुरा, पल्हरा, हटेटी पुरवा, कहला, गंछा आदि गांव फाल्ट की समस्या से जूझ रहे हैं। यहां पर लाइनों को ठीक करने के लिए कोई कर्मचारी नहीं जा रहे हैं। कई गांव अंधेरे में डूबे हुए हैं। इंजीनियर वैभव शुक्ला ने कहा कि जब तक समस्याओं का निराकरण नहीं होता आंदोलन जारी रहेगा।
जेई कांता प्रसाद ने सरकार सरकारी विभागों में ही नहीं बल्कि अब तो सेना में भी संविदा पर सैनिक रख रही। अनिल यादव ने कहा कि आउटसोर्सिग/ठेकेदारी व्यवस्था के अंतर्गत कार्य करना पड़ेगा।
आशीष ने कहा कि सरकार ने वर्ष 2000 से कारपोरेशन में पेंशन बंद कर दी है। पेंशन बंद होने से कर्मचारियों का बुढ़ापे का सहारा छिन गया है। आलोक शर्मा, रवि गौतम, उदय प्रताप, प्रकाश देव, रामसिंह, मोहम्मद सिद्दीक, देववृत, अमित, अलताफ, राजेश श्रीवास, राहुल सिंह, अनुदेश कटियार रहे।