अतर्रा। नगर पालिका से संचालित कान्हा गोशाला में भूख से तड़पकर छह मवेशियों की मौत और शवों को कौवों के नोंचने के मामले का संज्ञान मंडलायुक्त ने लिया है। डीआईजी के साथ गोशाला पहुंचकर निरीक्षण किया। अव्यवस्थाओं पर एसडीएम एवं प्रशासक से नाराजगी जताई और सुधार के निर्देश दिए। सीडीओ से टीम गठित कर एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट तलब की। बीमार मवेशियों के इलाज में लापरवाही पर पशु चिकित्साधिकारी को निलंबित करने की हिदायत दी।
‘भूख से छह मवेशी मरे, कौवे नोच रहे शव’ शीर्षक से खबर शनिवार को अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित हुई। अधिकारियों और नगर पालिका प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन-फानन पालिका कर्मी जेसीबी की मदद से सफाई आदि व्यवस्थाओं में जुट गए। तभी दोपहर को मंडलायुक्त आरपी सिंह और डीआईजी विपिन मिश्रा अधिकारियों के लाव-लश्कर के साथ गोशाला पहुंच गए और व्यवस्थाएं देखीं।
गोशाला में दलदल पर मंडलायुक्त बेहद खफा हुए। प्रशासक एवं एसडीएम विकास यादव से नाराजगी जताते हुए व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए। पशु चिकित्साधिकारी डॉ. लघुचंद्र अहिरवार को फटकार लगाते हुए कहा कि बीमार मवेशियों के इलाज में लापरवाही न हो। उन्होंने निलंबन की चेतावनी दी। साथ ही उन्होंने छह मवेशियों की मौत पर प्रशासक, नगर पालिका ईओ और पशु चिकित्साधिकारी को जिम्मेदार ठहराया।
मंडलायुक्त ने सीडीओ वेद प्रकाश मौर्य को दो सदस्यीय टीम गठित कर जांच के निर्देश दिए। एक सप्ताह में रिपोर्ट तलब की। कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। उनके साथ इंसपेक्टर अनूप दुबे, गोशाला संचालक संतोष निगम, लिपिक शिवचरण वाजपेयी आदि उपस्थित रहे।
सींग और पूंछ पकड़कर मवेशियों को घसीटा
अतर्रा। मंडलायुक्त के गोशाला आने की भनक लगते ही पालिका प्रशासन आनन-फानन व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में जुट गया। इसके बावजूद अपनी कमियां छिपा नहीं सका। ग्रामीणों ने बताया कि अधिकारियों के निरीक्षण की भनक पर पालिका कर्मियों ने बीमार मवेशियों के साथ बर्बरता बरती। गोशाला में सींग और पूंछ पकड़कर मवेशियों को घसीटते नजर आए, जिससे अफसरों की नजर बीमार मवेशियों पर न पड़ सके।
Banda: Mandalayukt reached Gaushala, expressed displeasure with SDM- फोटो : BANDA