बांदा। दिन दहाड़े घर में घुसकर किशोरी से छेड़छाड़ के मामले में आरोपी को दोष सिद्ध पाते हुए अनु सक्सेना विशेष न्यायाधीश (पास्को) ने पांच साल की कैद व जुर्माने की सजा सुनाई है।
मर्का थाना क्षेत्र के एक गांव में 20 नवंबर 2015 को सुबह 11 बजे घर में अकेली किशोरी के साथ पड़ोसी युवक चुन्नू पांडेय ने छेड़छाड की। शोर मचाने पर आरोपी भाग खड़ा हुआ। घटना के समय माता पिता एक अंतिम संस्कार में गए थे। पुलिस ने पीड़िता के अदालत में बयान दर्ज कराए थे।
अभियोजन की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता रामसुफल गौतम ने छह गवाह पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की बहस और पत्रावली देखने के बाद आरोपी चुन्नू पांडेय निवासी मर्का थाना क्षेत्र निवासी को धारा 452 में पांच वर्ष का कारावास, पांच हजार जुर्माना की सजा सुनाई।
अनुसूचित जाति के युवक की हत्या करने के तीन आरोपी संदेह का लाभ में बरी कर दिए गए। तिंदवारी थाना के गुखरही गांव में स्थित आम के बगीेचे में रखवाली कर रहे मंगू (22) पुत्र बुधुआ की दस वर्ष पूर्व गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना वर्ष 2012 की रात्रि 11.30 बजे की बताई गई है।
मृतक के लड़के ने थाने में सुनील उर्फ पप्पू, श्रीचंद्र गुप्ता, कुनका उर्फ ओमकार वर्मा, जान बहादुर के विरुद्ध नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दौरान मुकदमा जान बहादुर की मौत हो गई। मामले की सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश एससीएसटी मोहम्म्द कमरूज्जमा खां ने शुक्रवार को मामले का फैसला सुनाया। साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए तीन आरोपियों को बरी कर दिया। मामले की पैरवी शंकर सिंह गौतम ने की।